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नशे के सौदागरों पर डीआईजी का शिकंजा: बंगाल से राजस्थान तक फैले नेटवर्क पर बड़ा खुलासा, किसी भी हाल में नहीं बख्शे जाएंगे तस्कर

डेस्क न्यूज 10 June, 2026 प्रशासनिक

नीमच। रतलाम रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) निमिष अग्रवाल का दो दिवसीय नीमच दौरा केवल एक औपचारिक वार्षिक निरीक्षण नहीं रहा, बल्कि नशा तस्करी, संगठित अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की दिशा और दशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दौरा साबित हुआ। जिले में पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा उनका स्वागत किया गया तथा गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी के बाद उन्होंने जिला पुलिस कार्यालय, विभिन्न शाखाओं और थानों की कार्यप्रणाली का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, कानून-व्यवस्था, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई, यातायात व्यवस्था, शस्त्रागार, मालखाना प्रबंधन तथा पुलिसिंग की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाममूलक बनाने के लिए नियमित समीक्षा और जवाबदेही आवश्यक है।

मीडिया से चर्चा करते हुए डीआईजी निमिष अग्रवाल ने कहा कि रतलाम रेंज के नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले वर्तमान में नशा मुक्ति अभियान की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र हैं, इसलिए पुलिस की प्राथमिकता मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक तीन अवैध ड्रग फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया जा चुका है, जो पुलिस की सक्रियता और लगातार चल रहे अभियान का परिणाम है।

डीआईजी ने हाल ही में मंदसौर जिले में पकड़ी गई करीब 20 किलो ब्राउन शुगर की बड़ी खेप का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच के दौरान इसके तार पश्चिम बंगाल तक जुड़े पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और आरोपी संगठित तरीके से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब पुलिस केवल वाहकों या कोरियर के स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लायर, फाइनेंसर और खरीदारों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को समाप्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि शिकलाना क्षेत्र में पकड़ी गई अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री और उसके मुख्य सरगना इलियास खान के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। मामले की जांच अभी भी जारी है और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य केवल एक प्रकरण दर्ज करना नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट को खत्म करना है ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियां दोबारा खड़ी न हो सकें।

डीआईजी ने कहा कि अफीम डोडाचूरा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई भी तेज की गई है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में सफेमा (SAFEMA) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे अपराध से अर्जित संपत्ति को भी कानूनी दायरे में लाया जा सके।

फरार और इनामी अपराधियों को लेकर उन्होंने कहा कि रेंज के तीनों जिलों में बड़ी संख्या में अपराधी अभी भी गिरफ्तारी से बाहर हैं। ऐसे अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं। कई मामलों में महत्वपूर्ण सफलता भी मिली है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।

मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पुलिस पर लगने वाले आरोपों के संबंध में डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक कार्रवाई की निगरानी एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्तर पर की जाती है। यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता अथवा अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाती है। पुलिस का उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करते हुए जनता का विश्वास बनाए रखना है।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर भी डीआईजी ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में पुलिस बल का चरणबद्ध प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। रतलाम रेंज के जिलों में भी चयनित पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में बड़े आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।

दो दिवसीय दौरे के अंत में डीआईजी निमिष अग्रवाल का संदेश पूरी तरह स्पष्ट था—नशा तस्करों, संगठित अपराधियों और फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगा। पश्चिम बंगाल से जुड़े नेटवर्क की जांच हो या राजस्थान में चल रही दबिश, पुलिस अब अपराध की हर कड़ी तक पहुंचकर उसे खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में रतलाम रेंज में नशे के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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