डेस्क न्यूज़
09 June, 2026
अन्य
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को अचानक पारा बेहद गर्म हो गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस ने संभावित 'हॉर्स ट्रेडिंग' और क्रॉस वोटिंग के डर से अपने 38 विधायकों सहित करीब 75 लोगों को चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए कांग्रेस शासित कर्नाटक (बेंगलुरु) भेजने की बड़ी बाड़ाबंदी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर गंभीर तकनीकी और कानूनी आपत्ति दर्ज कराकर कांग्रेस खेमे में खलबली मचा दी है। इस आपत्ति पर निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) द्वारा किसी भी वक्त अंतिम फैसला सुनाया जा सकता है।
बीजेपी का आरोप: तेलंगाना में दर्ज आपराधिक मामला छुपाया
सत्तारूढ़ दल भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र (हलफनामे) में एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी को जानबूझकर छुपाया है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की हैदराबाद कोर्ट में एक आपराधिक मामला लंबित है, जिसका जिक्र उन्होंने अपने शपथ पत्र में नहीं किया है। बीजेपी इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग कर रही है।
उमंग सिंघार का पलटवार: "कोई क्रिमिनल केस नहीं, सिर्फ कोर्ट का एक नोटिस"
भाजपा के इन तीखे आरोपों को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत करार दिया है। सिंघार ने कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई भी आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। उन्हें केवल न्यायालय की ओर से एक सामान्य नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसे कानूनी रूप से लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर हार के डर से इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
विधानसभा परिसर बना अखाड़ा: कांग्रेसी विधायकों और सुरक्षाकर्मियों में तीखी नोकझोंक
नामांकन पत्रों की संवीक्षा (जांच) के दौरान मंगलवार को मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में भारी हंगामे और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। दोनों ही दलों के नेता और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी व शोर-शराबा हुआ। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कांग्रेस के फायरब्रांड विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया ने बलपूर्वक रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में घुसने का प्रयास किया। माहौल गरमाता देख वहां तैनात भारी पुलिस बल और विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और कांग्रेसी विधायकों को अंदर जाने से जबरन रोक दिया, जिसके बाद परिसर में काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही।
बेंगलुरु शिफ्ट हो रहे विधायक, 18 जून को होगी वोटिंग
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना है। भाजपा द्वारा आखिरी वक्त पर तीसरा उम्मीदवार (महेश केवट) मैदान में उतारने के बाद से ही कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कांग्रेस को डर है कि भाजपा उनके विधायकों में सेंधमारी कर सकती है, यही वजह है कि वोटिंग के दिन तक के लिए विधायकों को अचानक चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु रवाना किया जा रहा है। अब सभी की नजरें रिटर्निंग ऑफिसर के उस फैसले पर टिकी हैं, जो मीनाक्षी नटराजन के राजनीतिक भविष्य और इस चुनाव की दिशा तय करेगा।