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नीमच एसपी की अनूठी पहल: सड़क हादसों में जान बचाने के लिए शुरू हुआ 'जीवन संजीवनी अभियान', SP राजेश व्यास ने ग्राम चल्दू से किया शंखनाद

डेस्क न्यूज 09 June, 2026 प्रशासनिक

नीमच/चल्दू। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हादसों के शिकार लोगों को ऐन वक्त पर 'गोल्डन ऑवर' में नया जीवन देने के लिए नीमच पुलिस ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में मंगलवार को जिले में 'जीवन संजीवनी अभियान' का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष अभियान की शुरुआत शाम 5:30 बजे ग्राम चल्दू से खुद पुलिस अधीक्षक की गरिमामयी उपस्थिति में हुई।

चिह्नित किए गए 20 'हॉट स्पॉट', आस-पास के नागरिकों को मिलेगी CPR ट्रेनिंग
सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को नीचे लाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहद वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीका अपनाया है। एसपी राजेश व्यास ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वाधिक दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट/हॉट स्पॉट) का बारीकी से अध्ययन करने के निर्देश दिए थे।

इस कवायद के तहत पूरे नीमच जिले में अत्यधिक संवेदनशील 20 हॉट स्पॉट का चयन किया गया है। अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन सभी 20 चिह्नित दुर्घटना स्थलों के आस-पास रहने वाले 50-50 स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को विशेष रूप से 'सीपीआर (CPR) ट्रेनिंग' और 'प्राथमिक उपचार (First Aid)' का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

हादसे के वक्त 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' बनेंगे रीढ़ की हड्डी
अक्सर देखा जाता है कि हाईवे या प्रमुख मार्गों पर जब भी कोई गंभीर सड़क हादसा होता है, तो एम्बुलेंस या पुलिस के पहुंचने से पहले स्थानीय ग्रामीण या राहगीर ही वहां मौजूद होते हैं। यदि इन लोगों को सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा का सही ज्ञान हो, तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई घायल नागरिकों की जान बचाई जा सकती है। 'जीवन संजीवनी अभियान' के माध्यम से पुलिस इन्हीं स्थानीय लोगों को 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' के रूप में तैयार कर रही है, जो संकट के समय देवदूत बनकर घायलों की मदद कर सकेंगे।

चल्दू में आयोजित इस शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस विभाग के आला अधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस की इस संवेदनशील और सुरक्षात्मक पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है।

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