डेस्क न्यूज़
03 June, 2026
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नीमच। मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा एवं सदस्य सोनम निनामा ने मंगलवार को नीमच प्रवास के दौरान डाक बंगला में जिला स्तरीय अधिकारियों एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में बाल संरक्षण एवं बाल कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान डॉ. निवेदिता शर्मा ने जेजे बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में दर्ज प्रकरणों, उनके निराकरण और लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि "बाल हित संरक्षण और बाल कल्याण सर्वोपरि है तथा सभी संबंधित विभागों को संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए।"
आयोग अध्यक्ष ने चाइल्ड हेल्पलाइन, शिशु गृह, बाल आश्रय गृह तथा अन्य बाल संरक्षण संस्थाओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संस्थाओं में रह रहे बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनकी शिक्षा, सुरक्षा और देखभाल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में बच्चों को लीगल फ्री करने की प्रक्रिया, स्वरोजगार एवं कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था, पुनर्वास योजनाओं और बाल संरक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिशु गृह, बाल आश्रय गृह ‘किलकारी’ सहित जिले में संचालित विभिन्न बाल कल्याण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में विदिशा पाटीदार, मीनू लालवानी, उषा गुप्ता, प्रवीण शर्मा, कमलेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।