डेस्क न्यूज़
18 May, 2026
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भोपाल। मध्यप्रदेश शासन-प्रशासन के लिए 18 मई का दिन खास रहा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नवनियुक्त पदाधिकारियों को सुशासन, सेवा और जवाबदेही के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। कार्यक्रम का आयोजन अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “अनेकता में एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है और राजनीति व प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए।” उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को सेवा भावना, निष्ठा और प्रशासनिक दक्षता के साथ निभाएं।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की साख केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि पदाधिकारियों के व्यवहार और कामकाज से बनती है। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों को विभागीय नीतियों, नियमों और संसाधनों का गहन अध्ययन कर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन बड़ी चुनौती है, इसलिए आत्मानुशासन और मितव्ययिता जरूरी है। उन्होंने फिजूलखर्ची रोकने, आय के नए स्रोत विकसित करने और नवाचारों के माध्यम से संस्थानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी टीम भावना के साथ काम करें और अपने कार्यों से सकारात्मक पहचान बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक सुशासन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है। डिजिटल गवर्नेंस, डाटा आधारित निर्णय और पारदर्शी सेवा वितरण व्यवस्था को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से सोशल मीडिया और डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की बात कही।
डॉ. यादव ने स्पष्ट कहा कि सरकार की कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने पदाधिकारियों को अनावश्यक प्रचार से बचने, सोच-समझकर सहयोगी चुनने और अपनी गरिमा बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनुचित गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक कार्यालय आम नागरिकों की उम्मीदों का केंद्र होना चाहिए। जब कोई गरीब या पीड़ित व्यक्ति सहायता के लिए पहुंचे तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनने वाला कोई अपना वहां मौजूद है। उन्होंने कहा कि “भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता होना बेहद जरूरी है।”
मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को विकसित और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का सुनहरा अवसर मिला है, जिसे सभी के सामूहिक प्रयासों से साकार किया जाएगा।