डेस्क न्यूज़
13 April, 2026
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नीमच। इंदिरा ज्योति यात्रा एवं “चलें रामराज्य की ओर” संकल्प यात्रा के नीमच आगमन पर गांधी भवन में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान सम्यक अभियान प्रमुख, लेखक एवं विचारक भास्कर राव रोकड़े ने दोनों अभियानों के उद्देश्य, पृष्ठभूमि और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
रोकड़े ने बताया कि 12 जुलाई 2024 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” घोषित किए जाने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ दुष्प्रचार शुरू हुआ। इसके जवाब में सम्यक अभियान के माध्यम से उनके कार्यों, विचारों और निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इसी क्रम में देशभर में प्रेस वार्ताएं आयोजित कर अभियान को गति दी जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि 19 नवंबर 2024 को ग्वालियर में इंदिरा गांधी की जयंती पर चार वर्षीय इंदिरा ज्योति अभियान की शुरुआत की गई, जिसे “सृजन वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान 108 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका समापन भोपाल में राष्ट्रीय स्तर के समारोह के रूप में हुआ, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा भी शामिल हुए।
रोकड़े ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को छिंदवाड़ा के चिटनिस गंज से इंदिरा ज्योति यात्रा का शुभारंभ हुआ। महाकौशल क्षेत्र के बाद यह यात्रा इंदौर होते हुए अब मालवा-निमाड़ और चंबल क्षेत्रों में पहुंच रही है। इसी क्रम में यह यात्रा नीमच पहुंची, जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
“चलें रामराज्य की ओर” अभियान के बारे में उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत 19 नवंबर 2025 को भोपाल में की गई थी। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी की रामराज्य की अवधारणा को व्यवहारिक रूप देना है। उन्होंने कहा कि रामराज्य वह व्यवस्था है, जहां भय, भ्रष्टाचार और भेदभाव का कोई स्थान न हो और सभी को समान न्याय मिले।
रोकड़े ने आगे बताया कि सम्यक अभियान 2 मई 2022 को रीवा से प्रारंभ हुआ था, जिसमें बेरोजगार युवाओं को रोजगार, निजी क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकार, आउटसोर्सिंग पर रोक और कृषि सुधार जैसे नौ प्रमुख मुद्दे शामिल हैं। वर्तमान में इस अभियान से बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और किसान जुड़ चुके हैं।
प्रेस वार्ता में नीमच महिला कांग्रेस अध्यक्ष आशा सांभर, सेवादल जिला अध्यक्ष गजेंद्र यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बताया गया कि यात्रा का प्रथम चरण 31 मई को सागर में समाप्त होगा, जिसके बाद जिले में स्थानीय स्तर पर अभियान का विस्तार किया जाएगा।