द वॉचमेन पोस्ट
24 March, 2026
प्रशासनिक
भोपाल। मध्यप्रदेश में शाला-पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केन्द्रों में मंगलवार को ‘विद्यारंभ’ उत्सव का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत करीब 10 लाख बच्चों ने आंगनवाड़ी से आगे बढ़कर औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के नेहरू नगर आंगनवाड़ी केन्द्र में आयोजित हुआ, जहां महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बच्चों को ‘विद्यारंभ प्रमाणपत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया।
मंत्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला हैं, जहां पोषण और शिक्षा दोनों का समग्र ध्यान रखा जाता है। उन्होंने बताया कि यहां गर्भावस्था से लेकर छह वर्ष तक बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का विशेष ख्याल रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जा रही है, जिससे उनका शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान दी है। वहीं सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती जी.वी. रश्मि ने इसे बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और ECCE नीति 2013 के अनुरूप बच्चों को आंगनवाड़ी से विद्यालय तक सहज रूप से जोड़ने का प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अभिभावकों ने भी आंगनवाड़ी से आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया।
यह पहल न सिर्फ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी, बल्कि प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।