न्यूज डेस्क
18 March, 2026
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नीमच | नीमच के जावद में भरोसे की आड़ में ऐसा खेल खेला गया कि सुनकर हर कोई सन्न रह जाए। जिस शख्स को मालिक ने 18 साल तक परिवार जैसा मानकर दुकान की चाबी से लेकर कैश तक की जिम्मेदारी सौंपी, उसी ने धीरे-धीरे उसी भरोसे को तोड़ते हुए लाखों के जेवर और नकदी गायब कर दी। जब सच सामने आया तो यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि रिश्ते और विश्वास की सबसे बड़ी ठगी साबित हुई।
लक्ष्मीनाथ मार्ग स्थित एमएल ज्वैलर्स के संचालक राजेश सोनी के यहां पंकज कुमार पिछले 18 सालों से मुनीम के रूप में काम कर रहा था। इतने लंबे समय में वह सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि घर का सदस्य बन चुका था। ग्राहकों को गहने दिखाना, तौलना, कैश संभालना और दुकान की चाबियां रखना—हर अहम जिम्मेदारी उसी के पास थी। मालिक को उस पर इतना भरोसा था कि कभी शक की गुंजाइश ही नहीं रही।
लेकिन वक्त के साथ कहानी ने करवट ली। कुछ समय से दुकान के स्टॉक और कैश में गड़बड़ी नजर आने लगी। जब राजेश सोनी ने पंकज से हिसाब मांगा, तो वह टालमटोल करने लगा और फिर अचानक काम पर आना ही बंद कर दिया। इसी बीच इलाके में खबर फैली कि पंकज ने खुद की सोने-चांदी की दुकान खोल ली है। मामूली वेतन पाने वाला कर्मचारी अचानक अपना कारोबार खड़ा कर दे—यहीं से शक गहराता गया।
सच्चाई जानने के लिए जब पुराने सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो जो सामने आया उसने सबको चौंका दिया। साल 2021-22 की रिकॉर्डिंग में पंकज अकेले में मौका देखकर दुकान से जेवर और नकदी निकालता नजर आया। जब हिसाब-किताब का मिलान किया गया, तो करीब 10 लाख रुपए की हेराफेरी सामने आई।
मामले को थाने तक ले जाने से पहले समाज के स्तर पर सुलझाने की कोशिश भी हुई। पंचायत बैठी, आरोपी और उसके पिता ने पैसे लौटाने की बात भी मानी, लेकिन समय गुजरता गया और एक रुपया तक वापस नहीं आया। आखिरकार मजबूर होकर व्यापारी को पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अब जावद थाना पुलिस ने आरोपी पंकज कुमार के खिलाफ धारा 381 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और पुराने बही-खातों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि असली घोटाला 10 लाख से भी ज्यादा तो नहीं। फिलहाल एएसआई अर्पिता बोहरा इस पूरे मामले की जांच में जुटी हैं—और जावद में यह मामला अब चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।