डेस्क न्यूज़
26 February, 2026
शहर में पिछले तीन दिनों से लाईन से २०-२५ गाड़ियों का क़ाफ़िला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग बंद दरवाजों के पीछे जायका ले के सुगबुगाहट कर रहे हैं। मामला दो शक्तिशाली लोगों के बीच का है इसलिये शहर के कुछ बाशिंदे तो चुपचाप तमाशा देख मजे ले रहे हैं और कई सीधे अपने-अपने खेमे के पक्ष में उतर आए हैं।
जनता के नुमाइंदे ने तीर कमान से बाहर निकाल दिया है और खुले रूप से खंभ ठोक दिया है वहीं दूसरी तरफ़ से जबरदस्त हमले की तैयारी है और हमले शुरू भी हो चुके हैं, गाड़ियों का काफ़िला भी इसी कड़ी का हिस्सा प्रतीत होता है।
अमूमन शांत शहर की फ़िज़ाओं में अचानक से हलचल मची है, ये घटनाक्रम क्या इशारा कर रहा है ! सचमुच कुछ बड़ा होने वाला है या दोनों तरफ से चमकाने का खेल चल रहा है। जो कुछ भी हो अभी तो ऐसा लग रहा है की वर्चस्व का खेल है, मूँछों की लड़ाई है और प्लेग्राउंड खुल्ला है।
नीमच शहर में कोई इसे मंडी चुनाव के साइड इफेक्ट्स बता रहा है तो कोई वर्चस्व की लड़ाई और अहम की टकराहट। इस टकराहट की गूंज विधानसभा से लेकर नीमच के चौक-चौराहों तक सुनाई दे रही है, साथ ही सोशल मीडिया दो भागों में बंट चुका है।
नेताजी ने भोपाल में उंगलियां उठाई तो अब उंगलियां उन पर भी उठने लगी है। जवाबी कार्रवाई में दोनों ही और से समर्थकों और करीबियों ने सोशल मीडिया को ही जंग का मैदान बना दिया है। हालांकि सबके हिस्से का सच कुछ समय में सामने आयेगा ही।
उम्मीद है हर सच के सामने आने के बावजूद शहर की फ़िज़ा शांत रहे।
क्रमश: द वॉचमैन पोस्ट