ताजासमाचार

7 माह से वेतन न मिलने पर आशा कर्मियों का आक्रोश, सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन, केंद्रीय बजट का किया विरोध

न्यूज डेस्क 04 February, 2026 अन्य

नीमच। आशा एवं आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन (सीटू) के बैनर तले जिले की आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों ने सात माह से वेतन नहीं मिलने को लेकर बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आशा कर्मियों ने रैली निकालते हुए मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) दिनेश प्रसाद को ज्ञापन सौंपा और लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग की।

यूनियन की जिला अध्यक्ष कृष्णा कांटे, महासचिव रेखा व्यास एवं उपाध्यक्ष कांता अहीर ने बताया कि जुलाई 2025 से आशा कार्यकर्ता और आशा पर्यवेक्षकों को नियमित वेतन नहीं मिल पा रहा है। बीच में केवल दो माह का भुगतान किया गया, इसके बाद से वेतन पूरी तरह बंद है। लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण आशा कर्मियों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। ज्ञापन में मांग की गई कि हर माह की 5 तारीख तक नियमित रूप से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन का वाचन रेखा आर्य द्वारा किया गया।

ज्ञापन सौंपने के बाद आशा कर्मियों ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट का भी विरोध जताया। उनका कहना था कि बजट में आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों के वेतन वृद्धि का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, वहीं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी नजरअंदाज किया गया है। आशा कर्मियों ने आरोप लगाया कि यह बजट योजना कर्मियों के हितों के खिलाफ है और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं का निजीकरण किया जा रहा है, जो जनहित में नहीं है।

विरोध स्वरूप जिला चिकित्सालय परिसर के बाहर केंद्रीय बजट की प्रतियां जलाकर आक्रोश व्यक्त किया गया। इस दौरान सीटू के प्रदेश सचिव शैलेंद्र सिंह ठाकुर, जिला महासचिव सुनील शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष मुकेश नागदा, जिला कार्यकारी महासचिव पंकज नागदा सहित बड़ी संख्या में आशा पर्यवेक्षक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में लंबित वेतन भुगतान और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

Related Post