डेस्क न्यूज़
24 January, 2026
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नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की संवेदनशील पहल ने जन्मजात विकृति से जूझ रहे मासूम बच्चों के जीवन में नई रोशनी भर दी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में अब तक 546 बच्चों के कटे होंठ सहित अन्य जन्मजात विकृतियों की नि:शुल्क सर्जरी करवाई जा चुकी है, जिससे सैकड़ों परिवारों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।
प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे के दौरान जावद विकासखंड के सिंगोली क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में कटे-फटे होंठ से पीड़ित तीन मासूम बच्चे चिन्हित किए गए। आर्थिक और संसाधनों की कमी के कारण इनके परिजन बच्चों को जिले से बाहर इलाज के लिए ले जाने में असमर्थ थे। इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर जिला चिकित्सालय नीमच में विशेष शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में भोपाल के मान्यताप्राप्त चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बच्चों की जांच की गई। जिला प्रशासन ने परिजनों के आने-जाने की संपूर्ण व्यवस्था की। जांच और परामर्श के बाद इन बच्चों को भोपाल भेजा गया, जहां निजी चिकित्सालय में विशेषज्ञों द्वारा तीनों बच्चों की सफल नि:शुल्क सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इस पहल के तहत ग्राम भोजपुरा (जावद) के तीन वर्षीय रमेश पिता ओमप्रकाश गुर्जर, ग्राम दौलतपुरा (जावद) की दो वर्षीय बालिका हर्षिता पिता चुन्नीलाल सालवी और ग्राम बाणदा (जावद) के दो वर्षीय बालक रामलाल पिता उदयलाल भील की सफल सर्जरी करवाई गई। बच्चों के स्वस्थ होने से परिजनों में भी खुशी का माहौल है और वे जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।
इस पूरे अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम की भूमिका भी सराहनीय रही। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों की जन्मजात विकृतियों की सर्जरी मान्यताप्राप्त शासकीय एवं निजी अस्पतालों में नि:शुल्क कराई जा रही है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की इस मानवीय और संवेदनशील पहल से न केवल बच्चों को जन्मजात विकृति से निजात मिल रही है, बल्कि उनका भविष्य भी संवर रहा है।