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नीमच के बुजुर्ग दंपत्ति को ठगों ने किया डिजिटल अरेस्ट, नीमच पुलिस ने 7 मिनट में पहुंचकर रोकी 60 लाख की ठगी

डेस्क न्यूज 24 December, 2025 अन्य

नीमच | नीमच जिले में सायबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में सायबर सेल नीमच ने बड़ी सफलता हासिल की है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किए गए बुजुर्ग दंपत्ति को सायबर सेल ने समय रहते सुरक्षित निकालते हुए लगभग 60 लाख रुपये की बड़ी ठगी से बचा लिया।

सायबर ठगों द्वारा बीते करीब 15 दिनों से बुजुर्ग दंपत्ति को वीडियो कॉल और व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से डराया जा रहा था। खुद को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बताकर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने का झांसा दिया और परिवार से बात करने पर बच्चों को जेल भेजने की धमकी दी। डर के माहौल में बुजुर्ग दंपत्ति से कई एफडी तुड़वाकर राशि अन्य खातों में ट्रांसफर कराने की साजिश रची गई।

दिनांक 22 दिसंबर 2025 को क्राईम ब्रांच इंदौर के उप निरीक्षक शिवम ठक्कर से सूचना मिलते ही सायबर सेल नीमच प्रभारी प्रदीप शिंदे ने पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल को अवगत कराया। एसपी के निर्देश पर सायबर सेल टीम मात्र 7 मिनट में विकास नगर स्थित बुजुर्ग दंपत्ति के घर पहुंची।

टीम ने मनोवैज्ञानिक तरीके से काउंसलिंग करते हुए दंपत्ति को समझाया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती और पुलिस कभी भी वीडियो कॉल के जरिए इस तरह की कार्रवाई नहीं करती। लगभग दो घंटे की समझाइश के बाद बुजुर्ग दंपत्ति ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद उन्हें सायबर फ्रॉड के तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

इस दौरान सायबर ठग लगातार व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल कर दबाव बनाते रहे, लेकिन सायबर सेल की सक्रियता से पूरी ठगी को समय रहते रोक लिया गया और 60 लाख रुपये सुरक्षित बचा लिए गए।

पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने बुजुर्ग दंपत्ति से मुलाकात कर उन्हें बताया कि वर्तमान में सायबर ठग ईडी, सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, पुलिस या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स, पार्सल या टैक्स केस का भय दिखाकर ठगी कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से सतर्क रहने और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना पुलिस या सायबर सेल को देने की अपील की।

सराहनीय भूमिका
इस सराहनीय कार्रवाई में सायबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे, प्रधान आरक्षक आदित्य गौड़, आरक्षक लखन प्रताप सिंह, आरक्षक कुलदीप सिंह, आरक्षक सोनेन्द्र राठौर, आरक्षक राहुल सोलंकी तथा क्राईम ब्रांच इंदौर के उप निरीक्षक शिवम ठक्कर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की अपील
नीमच पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली व्हाट्सएप कॉल न उठाएं, अपनी बैंक या निजी जानकारी साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं है। इस तरह का कॉल आने पर तुरंत परिजनों से संपर्क करें और नजदीकी पुलिस थाना, कंट्रोल रूम या सायबर सेल को सूचना दें।

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