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नीमच की कुख्यात अनफिट बस की तेज रफ्तार और लापरवाही: सरकार उपकार बस से फिर हादसा, जोरदार टक्कर से कंटेनर पलटा, 40 यात्रियों की जान हलक में अटकी

डेस्क न्यूज 22 December, 2025


इंदौर। नीमच से संचालित इंदौर –भीलवाड़ा मार्ग पर चलने वाली कुख्यात सरकार उपकार की बस ने शुक्रवार अलसुबह एक बार फिर यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी। सुबह करीब 6:15 बजे इंदौर के लवकुश चौराहे पर क्रॉसिंग के दौरान तेज़ रफ्तार बस ने एक कंटेनर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर पलट गया और बस में सवार यात्री सीटों से उछलकर आगे गिर पड़े। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया 

मची अफरा तफरी 
हादसे के समय बस में 25 छात्र और करीब 15 अन्य यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों को चोटें आईं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुछ पलों के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

यात्री बोले- ब्रेक भी दुरुस्त नहीं थे 
बस में सवार वरिष्ठ पत्रकार एवं मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप जैन ने बताया कि दुर्घटना पूरी तरह बस चालक की लापरवाही का नतीजा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं थे, बावजूद इसके बस को तेज़ गति से चलाया जा रहा था। चालक नियंत्रण खो बैठा और सामने से क्रॉस कर रहे कंटेनर को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टॉप को लेकर यात्रियों से बहस के बाद चालक ने बस की रफ्तार और बढ़ा दी थी। कुछ ही दूरी पर यह बड़ा हादसा हो गया, जिसमें दर्जनों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई।

इस कम्पनी की दुर्घटनाओं की लम्बी फेहरीस्त  
यह कोई पहली घटना नहीं है। एक माह में दूसरी बार इंदौर–भीलवाड़ा मार्ग पर सरकार उपकार की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इससे पहले भी इसी बस के हादसे में यात्रियों को चोटें आई थीं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर विद्यार्थियों में भय का माहौल है।

यात्रियों ने आरोप लगाया कि इस लंबे रूट पर एक ही बस संचालित होने का फायदा उठाकर बस मालिक, चालक और कंडक्टर मनमाना किराया वसूलते हैं, यात्रियों को नियत स्टैंड पर नहीं उतारते और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं। सिंगोली क्षेत्र से बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसी बस से सफर करने को मजबूर हैं।
लगातार हादसों के बावजूद परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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