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सीसीआई मजदूरों को मिली बड़ी राहत: हाईकोर्ट डबल बेंच ने प्रबंधन की याचिकाएं खारिज कीं, बकाया वेतन भुगतान का रास्ता साफ

डेस्क न्यूज़ 29 September, 2025 सामाजिक

नीमच | सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI), नयागांव संयंत्र के मजदूरों को बड़ी कानूनी जीत मिली है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर की डबल बेंच ने सीसीआई प्रबंधन द्वारा दायर समस्त याचिकाओं को खारिज करते हुए श्रमिकों को उनके बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान किए जाने का स्पष्ट आदेश दिया है। न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति श्री विनोद कुमार द्विवेदी की पीठ ने 25 सितंबर 2025 को यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया।

इस निर्णय के बाद, अब CCI प्रबंधन को श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायालय से अवार्ड प्राप्त मजदूरों को उनका बकाया वेतन देना होगा। याचिकाओं की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीसीआई प्रबंधन ने स्वयं स्वीकार किया था कि संयंत्र के स्क्रैप की बिक्री से प्राप्त राशि में से करीब 17 करोड़ रुपये मजदूरों को दिए जा सकते हैं, यदि कोई कानूनी अड़चन न हो।

अब जब स्क्रैप बिक चुका है, तो श्रमिकों को उनका वेतन दिया जाना चाहिए- उच्च न्यायालय

न्यायालय ने सीसीआई द्वारा स्क्रैप कुर्की रोकने हेतु दायर की गई याचिका (8 अप्रैल 2025 के आदेश को निरस्त करने की मांग) को भी खारिज कर दिया। न्यायालय ने M.P.No. 81/2024, W.P.No. 1203/2005, W.P.No. 159/2008 और M.P.No. 82/2024 सहित सभी याचिकाएं खारिज करते हुए निगम को निर्देशित किया कि वह श्रमिकों का बकाया वेतन शीघ्र अदा करे।

 मजदूरों की ओर से अभिभाषक संजय जोशी ने की प्रभावी पैरवी

उल्लेखनीय है कि मजदूरों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजय जोशी ने उच्च न्यायालय में प्रभावशाली पैरवी की। इस दौरान बड़ी संख्या में नीमच एवं आसपास के मजदूर 25 सितंबर को अदालत परिसर में उपस्थित रहे।

सीटू ने फैसले को बताया "सत्य और श्रम की जीत"

इस महत्वपूर्ण निर्णय पर सीटू (CITU) ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे "सत्य और श्रम की जीत" करार दिया है।
सीटू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड शैलेंद्र सिंह ठाकुर, संयुक्त सीमेंट श्रमिक यूनियन के संयोजक शोभाराम धाकड़, रियाज खान और इंटर के जिला महामंत्री भगत वर्मा ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि,

प्रबंधन ने मजदूरों का हक रोकने के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन अंततः जीत न्याय और श्रमिकों की हुई।

ज्ञात हो कि पहले चरण में 89 मजदूरों और बाद में 27 अन्य मजदूरों का वेतन बकाया था, जो कुल मिलाकर ₹27 करोड़ से अधिक हो चुका है। इस फैसले से मजदूरों में उत्साह की लहर है।

श्रमिकों ने दी बधाई

गोवर्धन सिंह, भंवर सिंह, मानसिंह, नाहर सिंह, हरिप्रसाद, मुकेश नागदा, सुनील शर्मा, पंकज नागदा, रमेश गरासिया, आकाश गौड, मोहनलाल, प्रभु लाल सहित कई मजदूर नेताओं और सदस्यों ने इस फैसले पर सभी साथियों को बधाई दी और इसे श्रमिक एकता की जीत बताया।

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