डेस्क न्यूज़
24 September, 2025
नीमच। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक पर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष 2 अक्टूबर को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। शहर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस अवसर पर 41 फीट ऊंचे रावण के साथ-साथ 31-31 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा, जो इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मुस्लिम कारीगर निभा रहे हैं वर्षों पुरानी परंपरा
इस आयोजन की खास बात यह है कि दशहरा मैदान में रावण के पुतलों का निर्माण एक मुस्लिम परिवार द्वारा पीढ़ियों से किया जा रहा है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता की अद्भुत मिसाल पेश करता है। टाउन हॉल परिसर में बीते 20 दिनों से कारीगर जमील भाई और उनके परिवार के 25 से 30 सदस्य दिन-रात पुतलों के निर्माण में जुटे हुए हैं।
कारीगर मजहर हुसैन ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से यह परंपरा निभाई जा रही है। दशहरे के इस पर्व से जुड़कर पुतले बनाना उनके परिवार की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। शहर ही नहीं, आसपास के गांवों में होने वाले रावण दहन आयोजनों के लिए भी यही परिवार पुतले तैयार करता है।
रावण की आंखें झपकेंगी, हाथ-पैर भी हिलेंगे
इस वर्ष रावण का पुतला न केवल ऊंचाई में भव्य होगा, बल्कि तकनीकी रूप से भी खास रहेगा। मजहर हुसैन ने बताया कि यह रावण आंखें झपकाएगा और हाथ-पैर हिलाएगा, जिससे दर्शकों को एक नया अनुभव मिलेगा।
अन्य आयोजन भी होंगे आकर्षण का केंद्र
दशहरे के अगले दिन बघाना के अरनिया मैदान में भी रावण दहन का आयोजन होता है, जहां के लिए पुतला निर्माण की जिम्मेदारी भी इसी परिवार की है। इसके अलावा शरद पूर्णिमा पर होने वाले रावण रुंडी आयोजन के लिए भी पुतले ये ही बनाते हैं।