डेस्क न्यूज
09 September, 2025
सामाजिक
टीवी, इंटरनेट और मोबाइल फ़ोन से चिपके रहने के लिए मजबूर बच्चे
नीमच । शहर के इंदिरा नगर क्षेत्र के बगीचे बच्चों की खिलखिलाहट से नहीं, बल्कि गाड़ियों के हॉर्न से गूंज रहे हैं.। खुले वातावरण में swings और slides पर खेलने के बजाय बच्चे अब टीवी रिमोट और मोबाइल स्क्रीन पर चिपके रहने को मजबूर हैं। वजह? वो बगीचे जिन पर पहला हक़ बच्चों का है, वाहन मालिकों के कब्जे में हैं और उनके मुफ़्त पार्किंग स्थल बने हुए हैं।
बड़ी संख्या में वाहनधारी अपने वाहन इन बगीचों में खड़े कर रहे हैं, जिसके चलते बच्चों के खेलने की जगह पूरी तरह छीन चुकी है। बच्चों के खेलने, स्वस्थ रहने और अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने के लिए इन बगीचों से कब्जा छुड़ाने में नगर पालिका कोई कदम नहीं उठा रही है।
हालात इतने अजीब हैं कि अगर बच्चा गलती से गेंद मार दे तो गाड़ी के शीशे का दर्द वाहन मालिक से बर्दाश्त नहीं होता, और बच्चों से ही झगड़े-तनाव की नौबत आ जाती है।
स्थानीय लोग कहते हैं कि नपाध्यक्ष स्वाती चोपड़ा और सीएमओ दोनों को इस समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साध ली गई है। नपा की इस "नींद" से वाहनधारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उन्हें बगीचे में गाड़ी खड़ी करना अपना हक लगने लगा है।
क्षेत्रीय पार्षद सुमित्रा मुकेश पोरवाल ने बताया कि उन्होंने कई बार लिखित में नगर पालिका को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन उनकी बात को बार-बार अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि बगीचों के मुख्य द्वारों पर ताले लगाए जाएं और यदि कोई वाहन अंदर पाया जाए तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाए, तभी हालात सुधर सकते हैं।