डेस्क न्यूज़
07 September, 2025
नीमच | आज के डिजिटल जमाने में जहां मनोरंजन के नए साधनों ने पारंपरिक खेलों को पीछे छोड़ दिया है, वहीं छत्तीसगढ़ का एक परिवार रस्सी दौड़ी जैसे जोखिम भरे करतब को अब भी जिंदा रखे हुए है। इन दिनों नीमच शहर के चौराहों पर यह परिवार अपने अद्भुत करतब से लोगों का ध्यान खींच रहा है। फिल्मी गानों की धुन पर छोटी बच्चियां रस्सी पर चलते हुए संतुलन बनाती हैं, कलाबाज़ियां दिखाती हैं और दर्शकों को हैरान कर देती हैं। परिवार की सदस्य जमना बाई ने बताया कि वे गांव बेहाडी, जिला छत्तीसगढ़ से हैं। उनके पूर्वजों से ही यह कला परिवार में चली आ रही है। आज भी करीब 8-10 लोग इस कला के जरिए मनोरंजन के साथ-साथ अपना पेट भरने का काम कर रहे हैं।
रविवार को जमना बाई और उनकी छोटी बहन राजकुमारी ने फव्वारा चौक पर करतब दिखाया। भीड़ ने करतब को खूब सराहा, लेकिन साथ ही चिंता जताई कि इतनी छोटी उम्र में बच्चियों का इस तरह खतरा उठाना उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है। रस्सी दौड़ी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत, साहस और संतुलन का नायाब उदाहरण है। लेकिन दुख की बात है कि ऐसे कलाकारों को न सरकार की मदद मिलती है और न ही समाज का साथ। यह परिवार न सिर्फ लोगों का मनोरंजन कर रहा है, बल्कि एक खत्म होती परंपरा को जिंदा रखने की कोशिश भी कर रहा है।