यशवंत राठौर
22 August, 2025
प्रशासनिक
मनासा। इस वर्ष भले ही मानसून का मौसम किसानों के लिए शुरुआत में अनुकूल रहा हो, लेकिन बाद में सोयाबीन की फसल में फैली पीला मोजेक बीमारी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खासकर हासपुर डागड़ी गांव के किसान इस बीमारी से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं, जहां सैकड़ों एकड़ में लगी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
इसी समस्या को लेकर आज दिनांक 22 अगस्त को हासपुर डागड़ी के अनेक किसानों ने एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) मनासा को आवेदन पत्र सौंपा। किसानों ने बताया कि शुरुआत में फसल अच्छी स्थिति में थी, लेकिन धीरे-धीरे पीला मोजेक वायरस ने पूरे खेतों को चपेट में ले लिया, जिससे उनकी पूरे सीजन की मेहनत और लागत बेकार चली गई।
आवेदन के माध्यम से किसानों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में तुरंत सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाए, ताकि वे आगामी रबी सीजन के लिए दोबारा खेती कर सकें। किसानों ने यह भी बताया कि कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और यदि उन्हें समय पर आर्थिक सहायता नहीं मिली तो उनका अगला कृषि चक्र भी प्रभावित हो सकता है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों में विशेष रूप से बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा और वृद्ध किसान भी शामिल रहीं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पीड़ित किसानों के साथ न्याय किया जाए और आपदा राहत कोष या फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा राशि जल्द जारी की जाए।
SDM कार्यालय ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।