डेस्क न्यूज़
22 July, 2025
नीमच। विहिप (विश्व हिंदू परिषद) के गौ रक्षा विभाग द्वारा गो माता की सुरक्षा और उनके विचरण हेतु सुरक्षित स्थान की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में गौ माता सड़कों पर दर-दर भटक रही हैं,जो दुर्घटनाओं, भूख-प्यास और बीमारियों का शिकार हो रही हैं।
विहिप ने कहा कि सरकार के प्रयासों से कई गोशालाएं संचालित हो रही हैं, परंतु कई गोशालाएं खाली होने के बावजूद गौ माता को रखने से इनकार कर रही हैं। वहीं कुछ गोशालाओं की हालत अत्यंत दयनीय है,जहां कीचड़ और अव्यवस्था के कारण गौ माताएं बीमार होकर मर रही हैं और उनका अंतिम संस्कार भी उचित ढंग से नहीं हो पा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि गौ-माता सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं। हाल ही में सुवासरा जनपद अध्यक्ष द्वारा नशे की हालत में वाहन से दो गौ माताओं को कुचल दिया गया, जिनमें से एक गर्भवती थी। इसी प्रकार महू-नीमच हाईवे पर ट्रक चालक ने 3-4 गौ माताओं को कुचल डाला। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि किसान ऊँची फसल के लिए कीटनाशकों का उपयोग करते हैं, जिससे अज्ञानतावश चारा खाने गई गौ माताएं बीमार होकर मर जाती हैं। प्रशासन द्वारा गो माताओं को गांधी सागर गो-अभयारण्य में छोड़ा जा रहा है, जहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, जिससे वे हिंसक जानवरों और तस्करों का शिकार बन रही हैं।
विहिप ने मांग की कि सरकार सभी गोशालाओं को गो माता को रखने के लिए बाध्य करे, गोशालाओं का नियमित निरीक्षण हो, और जब तक अभयारण्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न हो, तब तक वहां गौ-माता को न छोड़ा जाए। साथ ही महू-नीमच और दिल्ली-मुंबई मार्ग पर बढ़ती गौ-तस्करी को रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए जाएं। ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा गया।