डेस्क न्यूज
01 July, 2025
अन्य
नीमच जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती खबर
प्रसुता को नही मिला समय पर उपचार, 108 जननी पहुँची 2 घण्टे लेट, मनासा से नीमच और फिर नीमच से उदयपुर रेफर, रास्ते मे प्रसुता महिला व बच्चे की हुई मौत, स्वास्थ्य विभाग पर बड़े सवाल, आखिर किसकी लापरवाही, पांच बेटियों के सर से उठा माँ का साया, पढ़ें खबर विस्तार से
मनासा । तहसील के कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र के गांव बच्चा खेड़ी में बीती रात्रि में एक प्रसुता और उसके बच्चे की दर्दनाक मोत हो गई, पीड़ित परिवार ग्राम पंचायत तलऊ के गांव बच्चा खेड़ी का निवासी होकर मजदूरी का कार्य करता है। पीड़ित परिवार के राजू ओड़ ने बताया की मेरी काकी राधा बाई पति मुकेश उम्र 35 वर्ष को रात्रि में दर्द हुआ और हमने 8 बजे जननी एक्सप्रेस को फोन पर सूचना दी, जिस पर करीब 10:30 बजे गाड़ी पहुंची। समय पर सूचना देने के बाद भी जननी एक्सप्रेस 2:30 घंटे देरी से पहुंची, और प्रसुता को लेकर सीधे मनासा आई, जिस पर रात्रि 11:30 बजे प्रसुता को मनासा चिकित्सालय से नीमच रेफर कर दिया गया। नीमच पंहुचने पर चिकित्सकों ने प्रसुता को तुरंत उदयपुर के लिए रेफर कर दिया। जैसे नीमच जिले में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था, इसलिए प्रसुता को उदयपुर रेफर करना पड़ा। परिणाम स्वरूप प्रसुता और बच्चे दोनों की उदयपुर पहुंचते समय रास्ते में ही मोत हो गयी।
घटना से खड़े हो रहे सवाल
जहां एक और केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार चिकित्सा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे कर रही है। नये-नये मेडिकल कॉलेज खोलकर जनता का श्रेय प्राप्त कर रही हैं, वहीं ठीक इसके विपरीत नीमच जिले के मनासा तहसील के कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र की ये घटना प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है। जहां एक और नीमच, मंदसौर, रतलाम में मेडिकल कॉलेज खुल गए हैं , वहीं मरीज आज भी राजस्थान रेफर किये जा रहे हैं !
पांच बहनो पर थी एक भाई की आस
प्रसुता के पति मुकेश ओड़ ने बताया की हमारे पांच बालिकाए हैं, और एक बालक की आस में हमने ये एक और अवसर लिया था, लेकिन, क्या पता था की हमारे साथ ऐसी घटना घटेगी, जब हमने जननी एक्सप्रेस वाले को फोन लगाया तब से उसके आने तक हम कई बार फोन लगा चुके थे। लेकिन उसने हर बार तरह-तरह के बहाने बनाये और अंततः वो 2:30 घंटे देरी से आया। उसके कारण भी मेरी पत्नी और बच्चे दोनों को पीड़ा हुई, चूँकि मेरी पारिवारिक स्थति ऐसी नहीं हे की मैं वाहन की व्यवस्था कर सकूँ इसलिए मेरे पास इंतजार करने के सिवाए और कोई विकल्प नहीं था। और तो और चिकित्सकों से भी उचित उपचार नहीं मिला। मुकेश ने कहा की यदि नीमच में ही ऑपरेशन हो जाता तो शायद जच्चा-बच्चा में से किसी एक की जान तो बच जाती लेकिन उन्होंने भी देखते ही उदयपुर रेफर कर दिया और आज पांच बेटियो के सर से उनकी माँ का साया उठ गया।
इनका कहना-
मृतक के परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है, मर्ग कायम कर लिया हे, और जाँच जारी है, जाँच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी
सोरभ शर्मा (थाना प्रभारी कुकड़ेश्वर)
108 एम्बुलेंस के ड्राइवर को कई बार फोन लगाए लेकिन वो समय पर नहीं पंहुचा, और चिकित्सको ने समय पर उचित उपचार नहीं किया इनकी लापरवाही के कारण मेरी पत्नी और बच्चे की मोत हो गयी।
मुकेश ओड़, मृतक का पति
108 एम्बुलेंस की पूर्व में भी शिकायते आ चुकी हैं, ये समय पर नहीं पहुँचती, गलती तो हे, वहीं मनासा चिकित्सालय में जो सुविधाएं हैं उसके अनुसार उपचार कर नीमच रेफर कर दिया था
डॉ. बी एल भायल (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर मनासा)