न्यूज डेस्क
25 June, 2025
नीमच। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता उस समय विवादों में घिर गई, जब कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं और समय की अनदेखी से क्षुब्ध पत्रकारों ने सामूहिक रूप से प्रेस वार्ता और सहभोज का बहिष्कार कर दिया।
कार्यक्रम के लिए निर्धारित समय दोपहर 1:30 बजे था, लेकिन मौके पर पहुंचे पत्रकारों को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। न केवल डिप्टी सीएम के समय पर न पहुंचने से नाराजगी रही, बल्कि कार्यक्रम स्थल पर पत्रकारों के लिए बुनियादी बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान पहले से चल रहे अन्य समारोह के बीच पत्रकारों को उपेक्षित महसूस हुआ, जिससे असंतोष फैल गया और उन्होंने सामूहिक बहिष्कार का निर्णय लिया।
यह कोई पहला मामला नहीं था जब प्रेस के साथ ऐसा व्यवहार हुआ हो। पूर्व में भी कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के आगमन पर पत्रकारों को टाउन हॉल में एक घंटे से अधिक इंतजार कराया गया था। ऐसे लगातार अनुभवों से क्षुब्ध पत्रकारों ने इस बार एकजुटता दिखाते हुए विरोध का सख्त रुख अपनाया।
प्रेस वार्ता के बहिष्कार के बाद कुछ भाजपा पदाधिकारियों ने पत्रकारों को मनाने का प्रयास किया, किन्तु पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि प्रेस को सम्मान देना है तो समयबद्धता, सुव्यवस्था और गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराई गई, तो और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष कपिल सिंह चौहान, मुकेश सहारिया, विजित राव महादिक, भारत सोलंकी, मनीष कौशल, राकेश सौन, श्याम सारड़ा, मुकेश शर्मा, राजू नागदा, दास्सा, जोगिंदर सिंह सलूजा, राकेश मालवीय, महेश जैन, अभिषेक शर्मा, पवन राव शिंदे, आकाश श्रीवास्तव, बबलु किलोरिया, अरुण यादव, अब्दुल अली ईरानी, अफजल कुरैशी, प्रवीण गोस्वामी, आशीष बंग, विनोद गुर्जर, तरलीन सलूजा, दीपक खताबिया, गोपाल मेहरा, इमरान खान, विनोद गोठवाल, महेंद्र उपाध्याय, मोइन शेख, धीरज नायक, प्रथम सिंह, राजा कुरैशी, दशरथ अहीर, राजू नागदा और देव खताबिया, भावेश मारु, युवराज शिंदे सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।