द वॉचमेन पोस्ट
14 July, 2026
प्रशासनिक
नीमच। रेलवे यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आगामी 20 जुलाई से नीमच रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र का संचालन निजी एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही रतलाम मंडल पश्चिम रेलवे का पहला मंडल बन जाएगा जहां पूछताछ केंद्रों की व्यवस्था आउटसोर्सिंग मॉडल पर संचालित होगी।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्य की जिम्मेदारी हैदराबाद स्थित मेगा कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत रतलाम मंडल के नीमच, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, दाहोद, चित्तौड़गढ़, देवास, नागदा और डॉ. अंबेडकर नगर सहित 9 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के कुल 10 पूछताछ काउंटर निजी एजेंसी संचालित करेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को अधिक प्रभावी, त्वरित और 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली पूछताछ सेवा प्रदान करना है। वर्तमान में पूछताछ केंद्रों पर कार्यरत 37 रेलवे कर्मचारियों को उनकी मूल जिम्मेदारियों में लगाया जाएगा, जिससे रेलवे की अन्य सेवाओं और संचालन व्यवस्था में भी सुधार होने की उम्मीद है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति, आगमन-प्रस्थान, प्लेटफॉर्म संबंधी जानकारी, कोच पोजिशन और अन्य आवश्यक सूचनाएं पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। रेलवे का मानना है कि निजी एजेंसी के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों में सुधार होगा।
रेलवे देगा विशेष प्रशिक्षण
रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि निजी एजेंसी द्वारा लगभग 40 प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इन कर्मचारियों को रेलवे की कार्यप्रणाली, यात्री सुविधाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षित कर्मचारी यात्रियों को ट्रेन और स्टेशन संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ कोच गाइडेंस, इंडिकेटर बोर्ड संचालन, स्वचालित एवं मैनुअल उद्घोषणाएं (अनाउंसमेंट), दिव्यांग यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों की सहायता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाएंगे।
एक वर्ष के लिए लागू होगी
व्यवस्था
मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार के मार्गदर्शन में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हिना वी. केवलरामानी, मंडल वाणिज्य प्रबंधक राजेश मथुरिया तथा मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मिक्की सक्सेना ने इस योजना की रूपरेखा तैयार की है। फिलहाल यह व्यवस्था एक वर्ष के परीक्षण काल के लिए लागू की जा रही है, जिसके परिणामों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
24 घंटे उपलब्ध पूछताछ सेवा
प्रशिक्षित कर्मचारियों से त्वरित जानकारी
ट्रेनों और प्लेटफॉर्म संबंधी सटीक अपडेट
वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग यात्रियों को विशेष सहायता।
रेलवे कर्मचारियों की मूल कार्यों में बेहतर उपयोगिता।
स्टेशन प्रबंधन और यात्री सेवाओं में सुधार।
रेलवे का मानना है कि यह पहल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और स्टेशन सेवाओं को अधिक आधुनिक एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।