डेस्क न्यूज़
15 June, 2026
• कमधज नगर आवासीय कॉलोनी स्थित काबरा टेंट हाउस के तीन मंजिला गोदाम में हुआ हादसा।
• सुबह 7:30 - 8:30 बजे के बीच भड़की आग; आसमान में कई किलोमीटर दूर तक दिखा काले धुएं का गुबार।
• चित्तौड़गढ़, नगर परिषद सहित JK और वंडर सीमेंट की आधा दर्जन से अधिक दमकलें मौके पर।
• सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल; सूत्रों के हवाले से तीसरी बार आग लगने के पीछे गहरी साजिश की अटकलें भी ।
• करोड़ों रुपये का सामान खाक; जेसीबी से दीवारें तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास कर रही रेस्क्यू टीमें।
निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)। सोमवार सुबह शहर के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके कमधज नगर में उस वक्त भारी हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब एक टेंट व्यवसायी (काबरा टेंट हाउस) के तीन मंजिला विशाल गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना भयावह रूप अख्तियार कर लिया कि पूरी बहुमंजिला इमारत आग की लपटों और धुएं के विशाल बवंडर से घिर गई। दूर-दूर तक सिर्फ आसमान में तैरता काला धुआं और चीख-पुकार ही नजर आ रही थी।
तीन मंजिला भवन और बंद शटर बने चुनौती, बुलानी पड़ी JCB
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच आग लगने की यह घटना हुई। चूंकि गोदाम में टेंट का भारी सामान, प्लास्टिक, कपड़े और अन्य अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियां ठसाठस भरी हुई थीं, इसलिए आग कुछ ही मिनटों में तीनों मंजिलों तक फैल गई। बंद शटर और तीन मंजिला कंक्रीट का ढांचा दमकल कर्मियों के लिए सबसे बड़ी रुकावट बन गया। हालात को काबू में न आता देख प्रशासन ने तुरंत मौके पर जेसीबी (JCB) मशीन बुलवाई। जेसीबी की मदद से गोदाम की पक्की दीवारों को तोड़ा गया, ताकि दमकल कर्मी अंदर प्रवेश कर आग के मुख्य स्रोत तक पानी की बौछारें पहुंचा सकें।
आधा दर्जन दमकलें तैनात, जिला मुख्यालय से भी बुलाई गाड़ियां
आग की विभीषिका इतनी तीव्र थी कि स्थानीय नगर परिषद निम्बाहेड़ा की दमकलें नाकाफी साबित होने लगीं। जिसके बाद क्षेत्र की प्रमुख सीमेंट फैक्ट्रियों, जेके सीमेंट और वंडर सीमेंट से तत्काल अत्याधुनिक फायर टेंडर बुलाए गए। इसके बावजूद ग्राउंड जीरो पर आग बेकाबू रही, जिसके चलते जिला मुख्यालय चित्तौड़गढ़ से भी विशेष फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आपातकालीन बैकअप के लिए बुलाया गया। समाचार लिखे जाने तक करीब 6 से अधिक दमकलें और दर्जनों राहतकर्मी लगातार आग बुझाने के भगीरथ प्रयास में जुटे हुए हैं।
करोड़ों का नुकसान, टली बड़ी जनहानि
चूंकि घटना सुबह के वक्त हुई और उस समय गोदाम के भीतर कोई मजदूर या कर्मचारी मौजूद नहीं था, इस वजह से एक बहुत बड़ा और दर्दनाक जनहानि का खतरा टल गया। हालांकि, आग की चपेट में आने से आसपास के रिहायशी मकानों की दीवारों और खिड़कियों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है, जिससे मोहल्ले के लोग दहशत में आ गए। टेंट व्यवसायी का करोड़ों रुपये मूल्य का साजो-सामान पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो चुका है।
प्रशासनिक अमला ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद
घटना की सूचना मिलते ही चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) रामचंद्र खुद हालात का जायजा लेने घटना स्थल पर पहुंचे। ग्राउंड जीरो से स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि आग बेहद विकराल है, लेकिन प्रशासन, सिविल डिफेंस और दमकल की संयुक्त टीमें हर संभव प्रयास कर रही हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस उप अधीक्षक बद्रीलाल एवं कोतवाली सीआई रामसुमेर भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं।
तीसरी बार आग: लापरवाही या 'बीमा खेल' की साजिश?
इस बड़े अग्निकांड ने पूरे निम्बाहेड़ा में सुलगते सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों और दबी जुबान में चल रही चर्चाओं की मानें तो इसी परिसर या गोदाम में आग लगने की यह तीसरी घटना है। रिहायशी और घनी आबादी वाले क्षेत्र में व्यावसायिक गोदाम होने के बावजूद यहाँ आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन निकास क्यों नहीं थे, यह जांच का बड़ा विषय है। बार-बार एक ही जगह आग लगने को लेकर अब स्थानीय स्तर पर "फुल बीमा क्लेम" या किसी पूर्व नियोजित साजिश की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
फिलहाल, पूरा प्रशासनिक और पुलिस अमला आग पर पूरी तरह काबू पाने में व्यस्त है। इसके बाद ही आग लगने की इस बड़ी दुर्घटना के पीछे की असली सच्चाई और कारणों का खुलासा हो पाएगा।