डेस्क न्यूज़
14 June, 2026
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नीमच। ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री को चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर लूटपाट करने के मामले में नीमच जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्रसिंह राजपूत की अदालत ने आरोपी महेन्द्र मीणा को दोषी पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती ने बताया कि घटना 21 दिसंबर 2024 की है। फरियादी प्रेमकुमार शर्मा, निवासी भगवत नगर मंदसौर, सुबह मंदसौर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिए ट्रेन के जनरल कोच में सवार हुए थे। कोच में पहले से बैठे तीन युवकों ने बातचीत के दौरान उन्हें चाय और पानी पीने का आग्रह किया। कई बार मना करने के बावजूद आरोपियों ने विश्वास में लेकर उन्हें चाय पिला दी।
चाय पीते ही प्रेमकुमार शर्मा अचेत हो गए। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनका मोबाइल, पर्स और अन्य सामान चोरी कर लिया। करीब 24 घंटे बाद होश में आने पर पीड़ित ने अपने परिजनों से संपर्क किया और बाद में जीआरपी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। मोबाइल के आईएमईआई नंबर और साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी महेन्द्र मीणा, राजेन्द्र सिंह मीणा और देवीलाल उर्फ देवा की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य, साइबर एक्सपर्ट की रिपोर्ट, पुलिस अधिकारियों और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी महेन्द्र मीणा पिता कंजोड़ मीणा, उम्र 23 वर्ष को दोषी करार देते हुए 13 जून 2026 को 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
प्रकरण में मध्यप्रदेश शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती एवं अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप अभियोजन पक्ष को सफलता मिली।