डेस्क न्यूज़
11 June, 2026
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नीमच। कांग्रेस नेत्री मधु बंसल ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन पत्र को निरस्त किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे लोकतंत्र, संविधान और प्राकृतिक न्याय की भावना पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि एक विवादित और तकनीकी आधार पर नामांकन पत्र को अस्वीकार करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मधु बंसल ने कहा कि जिस मामले को आधार बनाकर नामांकन निरस्त किया गया, उसमें न तो कोई एफआईआर दर्ज है, न किसी सक्षम न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि हुई है और न ही कोई अंतिम न्यायिक निर्णय सामने आया है। केवल न्यायालय द्वारा जारी नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण को आधार बनाकर किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से वंचित करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता विवेक तन्खा तथा अभिषेक मनु सिंघवी भी इस विषय पर स्पष्ट कर चुके हैं कि कानून की मंशा किसी तकनीकी या अस्पष्ट स्थिति के आधार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को समाप्त करने की नहीं है। यदि किसी तथ्य को लेकर विवाद या अलग-अलग व्याख्या की संभावना हो, तो उसका लाभ उम्मीदवार को मिलना चाहिए।
मधु बंसल ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की भावना भी यही है कि नामांकन पत्रों की जांच निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से हो। कई चुनावी मामलों में उम्मीदवारों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। ऐसे में बिना पर्याप्त अवसर दिए नामांकन निरस्त करना निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर भाजपा महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए किसी महिला उम्मीदवार को आगे नहीं बढ़ाया गया। कांग्रेस ने एक शिक्षित, अनुभवी और जनसेवा के प्रति समर्पित महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया, लेकिन उनके नामांकन को विवादित आधारों पर निरस्त कर दिया गया।
मधु बंसल ने यह भी कहा कि यदि नामांकन प्रक्रिया से जुड़े किसी प्रकरण में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रोहित आर्य की अधिवक्ता के रूप में किसी प्रकार की भागीदारी रही है, तो यह संवैधानिक दृष्टि से गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरा कांग्रेस परिवार मीनाक्षी नटराजन के साथ मजबूती से खड़ा है और न्यायपालिका व संविधान पर पूर्ण विश्वास रखता है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल चुनाव कराने से नहीं, बल्कि प्रत्येक उम्मीदवार को निष्पक्ष अवसर, समान अधिकार और न्यायपूर्ण प्रक्रिया उपलब्ध कराने से होती है।