डेस्क न्यूज़
11 June, 2026
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नीमच। जिले के जावद थाना क्षेत्र के सेंगवा गांव में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी एक महिला की मौत का कारण बन गई। खेत पर काम के दौरान सांप के डसने से घायल हुई 45 वर्षीय महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने के बजाय परिजन झाड़-फूंक के लिए देवस्थान ले गए। इलाज में हुई देरी के चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार सेंगवा निवासी पार्वती बाई धाकड़ (45) पत्नी लक्ष्मीलाल धाकड़ बुधवार दोपहर अपने खेत पर ज्वार की फसल काट रही थीं। इसी दौरान घास में छिपे एक जहरीले सांप ने उनके पैर में डस लिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सांप के काटने के बाद महिला को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के एक देवस्थान पर झाड़-फूंक कराने ले गए। काफी देर तक वहां उपचार के नाम पर अंधविश्वास का सहारा लिया जाता रहा। इस दौरान सांप का जहर महिला के शरीर में तेजी से फैलता गया और उसकी हालत गंभीर हो गई।
जब महिला की स्थिति बेहद नाजुक हो गई, तब परिजन उसे दोपहर करीब 1:45 बजे जिला अस्पताल नीमच लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे तक चले उपचार के बाद शाम करीब 4 बजे पार्वती बाई ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सांप काटने जैसी आपात स्थिति में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।