डेस्क न्यूज़
06 June, 2026
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नीमच/रामपुरा। जरा सोचिए, पुलिस को खुफिया इनपुट मिले कि आगामी त्योहार से पहले शांति भंग करने और किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की नीयत से कुछ संदिग्ध हथियारों के साथ जिले की सीमा में घुस रहे हैं! जाहिर है, पुलिस के कान खड़े हो जाएंगे। लेकिन उसके बाद जो हुआ पुलिस भी सर पकड़ कर बैठ गई। ऐसा ही कुछ हाई-वोल्टेज ड्रामा बीते दिनों नीमच जिले के रामपुरा क्षेत्र में देखने को मिला।
एक मुखबिर की सनसनीखेज सूचना पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आनन-फानन में एक यात्री बस को रुकवाया और उसमें से चार संदिग्ध युवकों को छुरे चाकु सहित नीचे उतार लिया। बस में बैठे सहमे यात्रियों के बीच देखते ही देखते देखते हड़कंप मच गया।
जब राजनीति और धर्म के बीच फंसी 'बकरे' की कहानी
बताया जा रहा है कि जैसे ही खबर फैली कि संदिग्ध युवक पकड़े गए हैं, मौके पर कुछ हिंदु संगठन कार्यकर्ता भी जमा हो गए। उन्होंने इसे सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए आरोपियों पर देशद्रोह और कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग शुरू कर दी।
दूसरी तरफ, जब पुलिस ने पकड़े गए युवकों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने जो कहानी सुनाई उसे सुनकर पुलिस भी अपना सिर पकड़कर बैठ गई। युवकों ने बताया, "हुजूर! हम तो कोई आतंकी नहीं हैं। हम हर साल की तरह ईद के मौके पर कुर्बानी कि दिहाड़ी करने के उद्देश्य से नीमच से रामगंज मंडी जा रहे थे।"
इसी बीच मामले में राजनीतिक एंट्री भी हो गई। पकड़े गए युवक कांग्रेस पृष्ठभूमि से जुड़े थे, तो स्थानीय कांग्रेसी नेता भी थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को सफाई दी कि ये सभी नीमच के ही रहने वाले और परिचित लोग हैं। इनका मकसद कोई अशांति फैलाना या वारदात करना नहीं था, ये महज कुर्बानी से दिहाड़ी की तलाश में निकले थे।
न सांप मरा न लाठी टूटी: पुलिस ने निकाला 'यह' अनोखा रास्ता
अब पुलिस के सामने अजीब धर्मसंकट था। एक तरफ हिंदू संगठन अड़े थे कि बिना कार्रवाई के इन्हें नहीं छोड़ सकते, तो दूसरी तरफ कांग्रेस का दबाव और हकीकत में 'बकरे' का सीधा-साधा मामला था। ऐसे में पुलिस ने 'न सांप मरे न लाठी टूटे' की तर्ज पर एक बीच का रास्ता निकाला।
पुलिस ने बस से उतारने और आतंकी इनपुट वाली पूरी कहानी को किनारे रखकर, कागजों पर दो अलग-अलग 'रोचक' एफआईआर तैयार कीं, जिसमें आरोपियों को सड़क पर सरेआम छुर्रा लहराते हुए गिरफ्तार दिखाया गया |
पहली एफआईआर: नायरा पेट्रोल पंप के पास 'ताहिर' का छुर्रा प्रदर्शन
थाने के प्रधान आरक्षक ने कागजों पर कार्रवाई करते हुए लिखा कि वे कस्बा भ्रमण करते हुए जब दशहरा मैदान पहुंचे, तो मुखबिर ने बताया कि नायरा पेट्रोल पंप के पास रामपुरा-नीमच रोड पर सफेद-खाकी टी-शर्ट और काला लोवर पहने एक युवक हाथ में धारदार छुर्रा लहराकर लोगों को डरा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा, तो उसने अपना नाम ताहिर अब्बासी (निवासी शौकतअली गंज, नया बाजार, नीमच) बताया। उसके पास से 11.05 इंच लंबा और 200 रुपये कीमत का लोहे का धारदार छुर्रा जब्त कर धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
दूसरी एफआईआर: आनंदीपुरा पुलिया पर 'सकलेन' की कमर से निकला हथियार
ठीक इसी तरह, एक और कहानी बनी जिसमें नाका नंबर 02 के पास पुलिस को सूचना मिली कि आनंदीपुरा रोड पुलिया के पास एक युवक धारीदार टी-शर्ट और जीन्स पहने हाथ में छुर्रा घुमा रहा है और पुलिस को देखकर उसने हथियार कमर में छुपा लिया। पुलिस ने उसे दबोचा तो उसकी पहचान मोहम्मद सकलेन (निवासी आसफगंज बड़ी मंडी, नीमच) के रूप में हुई। उसकी कमर से 12.05 इंच लंबा छुर्रा बरामद किया गया और उस पर भी आर्म्स एक्ट ठोक दिया गया।
नोटिस थमाया और कहा- 'अब आप घर जा सकते हैं'
चूंकि पुलिस ने इस पूरे बखेड़े को शांत करने के लिए धारा 25 आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) का इस्तेमाल किया, जिसमें 07 वर्ष से कम की सजा का प्रावधान है और यह एक जमानतीय अपराध है। इसलिए पुलिस ने कानून के नए नियमों (बीएनएस की धारा 35-3) का पालन करते हुए मौके पर ही पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग की, दोनों आरोपियों को थाने से ही जमानत का नोटिस थमाया और ससम्मान रुखसत कर दिया।
इस तरह 'आतंकी साजिश' के बड़े शोर से शुरू हुआ यह मामला, दो धारदार छुर्रों की जब्ती और कागजी एफआईआर के साथ बेहद शांतिपूर्ण और रोचक ढंग से निपट गया।
हालांकि इस मामले में रामपुरा थाना प्रभारी विपिन मसीह ने एफआईआर की तो पुष्टि की लेकिन घटना का इनपुट और कार्रवाई और नामों का ज़िक्र न करते हुए प्रेस नोट भेजने की बात कहीं। घटना को लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक खुलासा नहीं किया गया। विश्वनीय सूत्रों के हवाले से आप तक यह खबर पहुंचा रहे है।