ताजासमाचार

मिलावटी और सिंथेटिक दूध के खिलाफ नीमच में बड़ी कार्रवाई, डेयरियों से लिए नमूने; बिना पंजीयन संचालित मिल्क प्लांट बंद

द वॉचमेन पोस्ट 23 July, 2026 प्रशासनिक

नीमच। जिले में मिलावटी एवं सिंथेटिक दूध के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, भोपाल तथा कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विभिन्न दूध डेयरियों और मिल्क प्लांटों का आकस्मिक निरीक्षण कर दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।

अभियान के दौरान मनासा तहसील के ग्राम राजपुरा स्थित नवीन दूध डेयरी का निरीक्षण किया गया। यहां 3000 लीटर क्षमता की बीएमसी में करीब 1000 लीटर मिश्रित दूध भंडारित मिला। चलित खाद्य प्रयोगशाला से प्रारंभिक जांच के बाद मिलावट की आशंका पर दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया। डेयरी संचालक नवीनसिंह आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा-32 के तहत नोटिस जारी किया गया। इसके बाद ग्राम बरडिया बनड़ा स्थित श्री कृष्णा दूध डेयरी का निरीक्षण किया गया। यहां 5000 लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 1100 लीटर दूध के अलावा मावा, पनीर, दही, घी, लस्सी और छाछ भंडारित पाए गए। मिश्रित दूध सहित कुल सात नमूने जांच के लिए लिए गए। संचालक प्रहलाद धनगर द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें भी धारा-32 के तहत नोटिस जारी किया गया।

रामपुरा तहसील के ग्राम दुधलाई स्थित श्री सांवरिया मिल्क प्लांट में निरीक्षण के दौरान 5000 लीटर क्षमता की बीएमसी में करीब 4000 लीटर मिश्रित दूध मिला। जांच में प्लांट का वैध खाद्य पंजीयन नहीं पाया गया। अधिकारियों ने दूध का नमूना लेने के साथ ही प्लांट पर खाद्य निर्माण, भंडारण और विक्रय तत्काल प्रभाव से बंद कराते हुए संचालक कमलेश कुमार जाट को बिना वैध पंजीयन व्यवसाय संचालित नहीं करने के निर्देश दिए। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उन्हें भी नोटिस जारी किया गया।

वहीं औद्योगिक क्षेत्र खेतपाल्या स्थित श्री बालाजी फ्रेश दुग्ध डेयरी का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां 5000 लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 1500 लीटर दूध भंडारित मिला। दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर संचालक को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई। अधिकारियों ने सभी डेयरी संचालकों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए।

Related Post