द वाॅचमेन पोस्ट
23 July, 2026
सामाजिक
नीमच। शहर के हृदय स्थल पर स्थित जिला चिकित्सालय के समीप बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के खेल मैदान को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। सीएम राइज स्कूल निर्माण के लिए इस मैदान का चयन किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में खेलप्रेमी, विभिन्न खेल क्लबों के सदस्य, मॉर्निंग वॉकर, योग साधक, समाजसेवी और शहर के गणमान्य नागरिक मैदान पर एकत्रित हुए। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में मैदान को बचाने की मांग उठाते हुए इसे नीमच शहर के खेल और स्वास्थ्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बताया।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शहर में पहले से ही खेल मैदानों की संख्या लगातार घटती जा रही है। ऐसे में यदि इस मैदान पर निर्माण कार्य होता है तो खिलाड़ियों और युवाओं के लिए उपलब्ध प्रमुख सार्वजनिक मैदान भी समाप्त हो जाएगा। उपस्थित लोगों का कहना था कि यह केवल खेल का मैदान नहीं बल्कि प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के व्यायाम, योग, दौड़ और शारीरिक प्रशिक्षण का केंद्र है।
मैदान बचाने के लिए बनाई आगे की रणनीति
बैठक में शामिल खेलप्रेमियों ने मैदान संरक्षण के लिए आगे भी संगठित संघर्ष करने का निर्णय लिया। इस दौरान विभिन्न खेल संगठनों और नागरिकों ने अपनी बात रखी तथा प्रशासन से वैकल्पिक भूमि पर सीएम राइज स्कूल निर्माण कराने की मांग की।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि मैदान को बचाने की मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
26 जुलाई को फोर जीरो चौराहे पर धरना
नीमच पैंथर्स क्लब के मनीष वर्मा ने कहा कि खेलप्रेमियों की भावनाओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
"यह मैदान हजारों खिलाड़ियों की पहचान है। यदि हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी 26 जुलाई, रविवार को फोर जीरो चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और मैदान बचाने की आवाज को और बुलंद किया जाएगा।"
वर्षों से खिलाड़ियों की पहचान रहा मैदान
सुनील जैन, संडे क्रिकेट क्लब ने कहा कि यह मैदान केवल एक खुला स्थान नहीं बल्कि नीमच के खेल इतिहास का हिस्सा है।
"शहर में खेल गतिविधियों के लिए मैदान लगातार कम होते जा रहे हैं। यह मैदान वर्षों से खिलाड़ियों की पहचान रहा है। यदि यहां निर्माण होता है तो खेलप्रेमियों को बड़ा नुकसान होगा। हमारी मांग है कि इस मैदान को सुरक्षित रखा जाए।"
सेना, सीआरपीएफ और पुलिस भर्ती की तैयारी का प्रमुख केंद्र
बैठक के संयोजकों में शामिल कीर्ति पंचोली ने कहा कि मैदान समाप्त होने से सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को होगा।
"यह मैदान केवल क्रिकेट या अन्य खेलों तक सीमित नहीं है। यहां रोजाना बच्चे और युवा आर्मी, सीआरपीएफ, पुलिस तथा अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए दौड़ और फिजिकल अभ्यास करते हैं। मैदान खत्म हुआ तो सैकड़ों युवाओं का अभ्यास प्रभावित होगा और कई लोगों से खेल गतिविधियां छूट जाएंगी।"
वैकल्पिक भूमि पर बने स्कूल : नवीन अग्रवाल
समाजसेवी इंजी. नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि शहर में स्कूल निर्माण के लिए अन्य विकल्प उपलब्ध हैं।
"हम शिक्षा और स्कूल निर्माण के विरोधी नहीं हैं। सीएम राइज स्कूल शहर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन इसके लिए खेल मैदान समाप्त करना उचित नहीं है। शहर में कई अन्य स्थान उपलब्ध हैं। जिन जमीनों पर कब्जों की शिकायतें हैं, वहां भी विकल्प तलाशे जा सकते हैं। खेल मैदान को बचाते हुए स्कूल का निर्माण किया जाना चाहिए।"
खेलप्रेमियों ने रखी प्रमुख मांगें
खेल मैदान का वर्तमान स्वरूप बरकरार रखा जाए।
सीएम राइज स्कूल के लिए वैकल्पिक भूमि का चयन किया जाए।
खिलाड़ियों, मॉर्निंग वॉकरों और युवाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखा जाए।
मैदान के संरक्षण को लेकर प्रशासन स्पष्ट निर्णय सार्वजनिक करे।
खेल गतिविधियों के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
शहर में बढ़ रही चर्चा
बैठक के बाद खेल मैदान का मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर जहां सीएम राइज स्कूल को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर खेलप्रेमी मैदान को बचाने के लिए एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली पहल पर टिकी हुई है कि वे खेल और शिक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए क्या रास्ता निकालते हैं।