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जावद के मालगढ़ में ‘मौत’ बनकर घूम रहा तेंदुआ ! करीब 20 मवेशियों को बनाया शिकार, दहशत में ग्रामीण…लगातार हमलों के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई | पढ़े पूरी खबर 

डेस्क न्यूज़ 25 May, 2026 अन्य

नीमच। जिले की जावद तहसील अंतर्गत आने वाली नीलिया पंचायत का मालगढ़ गांव इन दिनों तेंदुए के आतंक से कांप रहा है। पिछले करीब एक महीने से गांव और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। तेंदुए द्वारा लगातार मवेशियों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार अब तक तेंदुआ करीब 18 से 20 गायों और अन्य मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लगातार घटनाओं के बावजूद वन विभाग की टीम अभी तक तेंदुए को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है।

ग्रामीण सुरेश पाटीदार ने बताया कि 12 अप्रैल को तेंदुए ने पहली बार गांव में एक बाड़े में बंधी गाय का शिकार किया था। इसके बाद से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि तेंदुआ देर रात गांव में प्रवेश करता है और बाड़ों में बंधे मवेशियों को निशाना बनाकर जंगल की ओर भाग जाता है। कई बार ग्रामीणों ने तेंदुए की आवाज और उसकी गतिविधियां भी देखी हैं, जिससे लोगों में डर लगातार बढ़ता जा रहा है।

अंधेरा होते ही गांव में छा जाता है डर का साया
ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। शाम ढलते ही पूरा गांव दहशत के साए में सिमट जाता है। रात होते ही गलियां सुनसान हो जाती हैं और लोग जरूरी काम होने पर भी घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।
महिलाओं और बच्चों में सबसे ज्यादा भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हर रात यह डर सताता रहता है कि कहीं तेंदुआ किसी इंसान को अपना शिकार न बना ले। कई परिवार अब रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। लगातार बढ़ते खतरे के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।

एक महीने बाद भी तेंदुआ पकड़ से बाहर
ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए का आतंक पिछले एक महीने से बना हुआ है, लेकिन वन विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। लगातार हो रहे हमलों से लोगों में डर और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने जल्द पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।

वहीं पूरे मामले में उप वन मंडल अधिकारी दशरथ अखंड ने बताया कि मालगढ़ क्षेत्र में लगातार तेंदुए का मूवमेंट देखा जा रहा है। वन विभाग की टीम गांव में नियमित गश्त कर रही है और ग्रामीणों को रात में घरों से बाहर नहीं निकलने तथा सावधानी बरतने की समझाइश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा शासन से पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही तेंदुए के रेस्क्यू की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

फिलहाल मालगढ़ गांव में तेंदुए का खौफ इस कदर बढ़ चुका है कि ग्रामीण हर रात डर के साए में गुजारने को मजबूर हैं और अब सभी की निगाहें वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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