डेस्क न्यूज़
23 May, 2026
अन्य
नीमच। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नीमच पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि जिला नीमच के सभी पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है।
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल के तहत प्रत्येक पुलिस थाने में साइबर मामलों के लिए प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसी उद्देश्य से शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम नीमच में एक दिवसीय विशेष साइबर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जिले के प्रत्येक थाने से 3-3 आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक स्तर के करीब 30 पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान साइबर सेल नीमच की टीम और पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन ठगी, बैंक फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और साइबर अपराधों से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण की जानकारी दी। साथ ही भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल्स की कार्यप्रणाली भी समझाई गई।
कार्यशाला में NCRP, SANCHAR SATHI, SAMANVAY, CEIR और CYBER POLICE PORTAL जैसे महत्वपूर्ण पोर्टलों का उपयोग प्रैक्टिकल तरीके से सिखाया गया। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि साइबर अपराध होने पर पीड़ित की शिकायत किस प्रकार तुरंत 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान राजेश व्यास ने कहा कि साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद जरूरी है, ताकि थाने पर आने वाले हर पीड़ित को तुरंत राहत मिल सके। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें और जरूरत पड़ने पर साइबर सेल से मार्गदर्शन लेकर पीड़ितों की सहायता सुनिश्चित करें।
नीमच पुलिस की इस नई पहल को साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को अब थाने स्तर पर ही त्वरित मदद मिल सकेगी।