डेस्क न्यूज़
22 May, 2026
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नीमच। इंदिरा नगर में श्री भोलेनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर कथा पंडाल भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कथा व्यास पंडित राजेन्द्र पुरोहित ने भगवान कार्तिकेय एवं श्री गणेश जन्म प्रसंग का अत्यंत रोचक, भावपूर्ण और ज्ञानवर्धक वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान कार्तिकेय द्वारा जालंधर वध की जीवंत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथाव्यास ने बताया कि भगवान शिव को संतान प्राप्ति नहीं होने से देवताओं में चिंता का वातावरण था। इसके बाद उन्होंने भगवान कार्तिकेय और श्री गणेश के अवतार के दिव्य कारणों का विस्तार से वर्णन किया। कथा में भगवान श्री गणेश के जन्म, उनकी अद्भुत बुद्धिमत्ता और रिद्धि-सिद्धि के साथ उनके विवाह प्रसंग की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान भगवान शिव के गोपी वेश धारण कर वृंदावन पहुंचने तथा रासलीला में सम्मिलित होने का प्रसंग भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। जैसे ही रासलीला का मंचन प्रारंभ हुआ, पूरा कथा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे श्रद्धा एवं आनंद में झूमते नजर आए। “ओ काशी वाले आजा तेरी याद सताए…” जैसे भजनों ने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया और श्रद्धालुओं ने भजनों पर जमकर नृत्य किया।
शिव बारात प्रसंग में कथाव्यास ने बारातियों को भोजन कराने की कथा सुनाते हुए बताया कि बारात में शामिल भूत-प्रेतों को भोजन परोसने में कठिनाई आ रही थी, क्योंकि उनके सिर और धड़ का पता नहीं चल रहा था। तब स्वयं भगवान भोलेनाथ ने समाधान देते हुए भोजन उनके सामने रख देने को कहा। इस प्रसंग के माध्यम से कथाव्यास ने वर्तमान विवाह समारोहों में प्रचलित बफेट भोजन व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए कहा कि शिव पुराण के अनुसार भोजन परोसने की परंपरा ही श्रेष्ठ मानी गई है।
कथा के दौरान प्रभात फेरी मंडल मंशापूर्ण महादेव एवं रणजीत हनुमान मंदिर के सदस्यों का सम्मान भी किया गया। मनीष चौधरी, एस.के. सोनी, डॉ. संजय पाठक, मुकेश लक्षकार, प्रदीप शर्मा, रामप्रसाद शर्मा, गुणवंत जैन सहित अनेक सनातन सचेतकों ने कथा व्यास पंडित राजेन्द्र पुरोहित का श्रीफल एवं उपर्णा भेंट कर स्वागत किया। वहीं भोलेनाथ सेवा समिति द्वारा प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में कर्मकाण्डीय विप्र परिषद के पंडित राधेश्याम उपाध्याय, पंडित प्रेमप्रकाश गौड़, पंडित लक्ष्मण शर्मा एवं पंडित गौरव पारिख सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।