डेस्क न्यूज़
13 May, 2026
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नीमच। देश में विकास, डिजिटल इंडिया और आधुनिक तकनीक की बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं… लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कई गांवों में बदहाल तस्वीर दिखा रही है। नीमच के आदिवासी बहुल ग्राम पिपलिया हाड़ा (नई आबादी) के लोग आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बुधवार को ग्रामीणों और जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर गांव में सड़क निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक गांव में पक्की सड़क नहीं बन पाई, जिसके कारण हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के समय हालात और भी भयावह हो जाते हैं। कच्चे और जर्जर रास्तों से स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कत होती है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाना तक मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आते हैं, जबकि आदिवासी क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई और किसानों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
जयस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि पिपलिया हाड़ा मार्ग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर जल्द कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।