डेस्क न्यूज़
07 May, 2026
अन्य
नीमच। (द वॉचमैन पोस्ट) महंगाई पर जनता की नब्ज टटोलने निकली कांग्रेस ने नीमच में नब्ज के साथ-साथ 'समोसे का रेट' और 'मन की भावनाएं' भी टटोल लीं। कांग्रेस का यह जनसंवाद शहर में कहीं ‘समोसे’ के रेट बढाने का कारण साबित ना हो जाए ।
मामला कमल चौक के सैनी नाश्ता सेंटर का है। यहाँ कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने जब दुकानदार (जो भाजपाई वोटर माने जाते हैं) से पूछा कि "मोदी सरकार से पेट भर गया हो तो हाथ जोड़ लो", तो जवाब ऐसा मिला कि कांग्रेसियों के चेहरे खिल गए।
दुकानदार ने स्वीकार करते हुए कहा की- "देखिए, मोदी सरकार को लोग मुंह पर तो गाली नहीं दे पा रहे लेकिन मन ही मन तो पक्का दे रहे हैं!"
तपाक से जिलाध्यक्ष बाहेती ने अपने ‘मन की बात’ कह दी कि " चुनाव आने पर मन की गाली को वोट में बदल डालो!"
महंगाई घटाने आए थे या समोसा महंगा करने ?
एक तरफ कांग्रेस केंद्र सरकार की महंगाई को कोस रही थी, वहीं दूसरी तरफ इनकी बातों से ऐसा लगा जैसे वे दुकानदारों को 'रेट बढ़ाने' के लिए उकसा रहे हों। पोहे-समोसे वाले की दुकान पर जब जिलाध्यक्ष बाहेती और पार्षद प्रजापति ने पूछा कि महंगाई से पेट पर लात पड़ रही है या नहीं, तो दुकानदार के 'हां' कहते ही बाहेती जी ने भविष्य की घोषणा कर दी- "अभी समोसा 10 का बेच रहे हो, अब इसे 15 का करना पड़ेगा ना !"
शहर की जनता अब कन्फ्यूज है कि कांग्रेस महंगाई कम करवाने निकली है या नीमच में पोहे- समोसे के रेट बढ़वाने । अगर कल से शहर में समोसे पर 5 रुपया बढ़ गया तो जनता किसे कोसेगी, यह बड़ा सवाल है!
उपसंहार यह कि अगली बार वोट 'मन की गाली' के आधार पर पड़ेगा या नहीं, और दुसरा यह कि 'समोसा पकड़ में' रहेगा या नहीं !