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संकल्प से समाधान अभियान बना मिसाल: 99.9% प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण, अंतिम छोर तक पहुंचा लाभ — मुख्यमंत्री मोहन यादव

डेस्क न्यूज़ 18 April, 2026 अन्य

नीमच। प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने की दिशा में चलाया गया ‘संकल्प से समाधान अभियान’ अब एक सफल और प्रभावी मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों और आवेदनों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया गया है। शासन की योजनाओं का लाभ अब वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जो इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चले इस अभियान के दौरान प्रदेशभर से कुल 47.69 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 47.68 लाख प्रकरणों का समाधान किया गया। इस तरह 99.9 प्रतिशत मामलों का समयबद्ध निराकरण कर प्रशासन ने एक नई मिसाल पेश की है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि आमजन के विश्वास को भी मजबूत करता है।

अभियान को चार चरणों में व्यवस्थित रूप से लागू किया गया। पहले चरण में ग्राम और वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर आवेदन एकत्र किए गए। दूसरे चरण में स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर इन आवेदनों का त्वरित समाधान किया गया। तीसरे चरण में ब्लॉक स्तर पर शेष और नए आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि अंतिम चरण में जिला स्तर पर सभी लंबित प्रकरणों को खत्म कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान पूरे प्रदेश में 3,659 शिविर आयोजित किए गए, जिनसे लोगों को सीधा लाभ मिला।

अभियान के तहत राजस्व से जुड़े कार्यों में सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए। चालू खसरा-खतौनी की प्रतिलिपि के लिए 8.71 लाख से अधिक आवेदन आए, जिनमें से लगभग सभी का समाधान किया गया। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना, नक्शा प्रतिलिपि, भवन निर्माण अनुमति, श्रमिक पंजीयन, नो-ड्यूज प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी लाखों आवेदनों का त्वरित निराकरण हुआ।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को मजबूत करने के लिए नल-जल योजना के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में नए कनेक्शन दिए गए। वहीं स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करने जैसे कार्यों में लगभग शत-प्रतिशत सफलता हासिल की गई।

विभागीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। राजस्व विभाग ने 99.42 प्रतिशत, सामान्य प्रशासन विभाग ने 99.17 प्रतिशत और नगरीय विकास विभाग ने 98.18 प्रतिशत मामलों का निराकरण किया। अन्य विभागों में भी 90 प्रतिशत से अधिक समाधान दर दर्ज की गई, जो प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘संकल्प से समाधान अभियान’ ने प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी प्रशासन को नई मजबूती दी है। यह पहल न केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित रही, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करने में सफल रही है। आने वाले समय में भी इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे, जिससे हर नागरिक को समय पर न्याय और सुविधाएं मिल सकें।

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