डेस्क न्यूज
17 April, 2026
राजनीति
नीमच। पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने नीमच–रामगंजमंडी नई रेल लाइन को प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा समन्वित और गंभीर प्रयास किए जाएं, तो यह परियोजना क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
डॉ. जाजू के अनुसार, प्रस्तावित रेल लाइन नीमच जिले सहित आसपास के क्षेत्रों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि राजस्थान से भी मजबूत रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इस रेल मार्ग के विकसित होने से नीमच का सीधा जुड़ाव राजधानी भोपाल से संभव हो सकेगा, वहीं दक्षिण भारत से राजस्थान के प्रमुख शहरों—जोधपुर, अजमेर और उदयपुर तक संपर्क भी अधिक सशक्त होगा।
उन्होंने बताया कि हाल ही में इंदौर–मुंबई रेल लाइन को भी पीएम गतिशक्ति योजना के तहत स्वीकृति मिली है, जिससे यह उम्मीद और मजबूत होती है कि नीमच–रामगंजमंडी रेल लाइन को भी इस योजना में शामिल किया जा सकता है।
डॉ. जाजू ने कहा कि इस रेल लाइन के बनने से व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। माल परिवहन तेज और सस्ता होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को भी अधिक विकल्प मिलेंगे, क्योंकि वर्तमान में सीमित ट्रेनों और सेवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने नीमच के रेलवे विकास के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वर्गीय बालकवि बैरागी के प्रयासों से नीमच–चित्तौड़गढ़ ब्रॉडगेज लाइन स्वीकृत हुई थी, जिसने क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी। इसके बाद दिल्ली, मेरठ और हरिद्वार जैसे शहरों से कनेक्टिविटी भी स्थापित हुई, लेकिन वर्तमान में कई सेवाओं के सीमित होने से फिर से नई रेल परियोजनाओं की आवश्यकता महसूस हो रही है।
डॉ. जाजू ने यह भी बताया कि गतिशक्ति योजना के तहत पूर्व में नीमच–सिंगोली–कोटा रेल लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, जो फिलहाल फाइनल सर्वे के चरण में है। ऐसे में नीमच–रामगंजमंडी रेल लाइन को भी इसी योजना में शामिल कराने के प्रयास तेज किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगी, बल्कि मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करेगी।