डेस्क न्यूज़
11 April, 2026
नीमच। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह शनिवार को नीमच पहुंचे, जहां उन्होंने मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर सख्त निर्देश दिए हैं । आयोग अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह आज शाम भारत विकास परिषद के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे । सर्किट हाउस में जिला प्रशासन और कार्यकर्ताओं ने उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मीडिया से चर्चा करते हुए श्री सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिले में एनडीपीएस और तस्करी मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाए जाने की शिकायतें सामने आई है। इस पर उन्होंने एसपी अंकित जायसवाल को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स, केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि आम नागरिकों को बेवजह परेशान न होना पड़े।
सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए श्री सिंह ने कहा कि बगैर मानकों और संकेतकों के सड़क निर्माण गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी और संबंधित एजेंसियों को सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई और पेनाल्टी लगाई जाएगी।
अस्पतालों में लापरवाही और मरीजों की मौत के मामलों को भी उन्होंने गंभीरता से लिया। श्री सिंह ने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें आयोग तक पहुंचती हैं तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि ब्लैकलिस्टिंग की अनुशंसा भी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि आयोग की जनसुनवाई पहल के तहत अब तक लाखों लोगों की समस्याएं सुनी जा चुकी हैं और कई मामलों में लंबित पेंशन, आर्थिक सहायता सहित अन्य प्रकरणों का निराकरण भी किया गया है। जिला स्तर पर भी नियमित सुनवाई के जरिए लोगों को त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में पेयजल व्यवस्था, बाछड़ा और बंजारा समाज के उत्थान, बाल विवाह रोकथाम, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों की रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए, ताकि आगे विस्तृत समीक्षा की जा सके।
अंत में उन्होंने कहा कि समाज में मानवाधिकारों का संरक्षण और समरसता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।