द वॉचमेन पोस्ट
02 April, 2026
राजनीति
नीमच | मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को जिले में विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक इस आंदोलन में शामिल हुए और अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय से उनकी महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
प्रमुख मांगें क्या हैं
कर्मचारियों ने जिन मांगों को प्रमुखता से उठाया, उनमें शामिल हैं:
संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
वेतन विसंगतियों का निराकरण
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण में पारदर्शिता
इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समस्याओं का समाधान, सभी कर्मचारियों को समान सुविधाएं, ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख करने और अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों के निराकरण की मांग भी उठाई गई।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
वक्ताओं ने कहा कि पहले भी ज्ञापन के माध्यम से समस्याएं शासन तक पहुंचाई गई थीं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है—पहले ज्ञापन, फिर जिला स्तर पर धरना और आगे प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन व हड़ताल की योजना है।
शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, पर नाराजगी बरकरार
धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कर्मचारियों में अपनी मांगों को लेकर गहरा आक्रोश साफ नजर आया। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक पहल कर समस्याओं के समाधान की मांग की।