डेस्क न्यूज़
01 April, 2026
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रतलाम। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को रतलाम सीजीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर शंकर परमार और उनके एक बिचौलिए को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक व्यापारिक फर्म के खिलाफ जीएसटी की कार्रवाई रोकने के बदले ₹5 लाख की मांग की थी।
₹1.50 लाख की पहली किस्त लेते पकड़े गए
सीबीआई भोपाल को 30 जनवरी को एक फरियादी व्यापारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि असिस्टेंट कमिश्नर शंकर परमार उसकी फर्म पर कार्रवाई न करने के एवज में रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत की पुष्टि होने के बाद, सीबीआई ने मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे जाल बिछाया। रतलाम के 'आनंद बिग मॉल' के पास बिचौलिए सुरेश मनसुखानी के जरिए जैसे ही ₹1.50 लाख का लेनदेन हुआ, सीबीआई की टीम ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा।
आरोपी शंकर परमार स्वयं असिस्टेंट कमिश्नर, सीजीएसटी है और बिचौलिया सुरेश मनसुखानी आनंद बिग मॉल का संचालक है । इनके द्वारा जावरा के एक पान मसाला और साबुन व्यापारी की फर्म पर जीएसटी अनियमितता की कार्रवाई को रोकने के लिए कुल ₹5 लाख मांगे गए थे, जिसमें से ₹1.50 लाख पहली किस्त के रूप में दिए जा रहे थे। सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और बीएनएस की धारा 61/2 के तहत मामला दर्ज किया है।
मॉल के पास हुआ लेनदेन
जांच में सामने आया है कि बिचौलिए सुरेश मनसुखानी ने ही व्यापारी और अधिकारी के बीच बातचीत तय कराई थी। रिश्वत के रुपयों का लेनदेन 'अहिंसा ग्राम बायपास' स्थित आनंद बिग मॉल के पास हुआ। फिलहाल सीबीआई की टीम द्वारा आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों की जांच की जा रही है।