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हनुमान जन्मोत्सव पर वेंकटेश्वर मित्र मंडल की अनूठी पहल, 651 किलो फलों से वानरों की सेवा

डेस्क न्यूज़ 31 March, 2026 अन्य

नीमच। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर वेंकटेश्वर मित्र मंडल द्वारा सेवा, संवेदनशीलता और मानवता का एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर मंडल के सदस्यों ने सुखानंद धाम पहुंचकर वानरों के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसने न केवल धार्मिक आस्था को जीवंत किया बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश भी समाज तक पहुंचाया।

कार्यक्रम के अंतर्गत मंडल द्वारा लगभग 651 किलो फलों का वितरण किया गया, जिसमें विशेष रूप से केले, चने, बाटी और गुड़ शामिल रहे। बड़ी संख्या में वानरों को प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया। यह दृश्य अत्यंत भावुक और श्रद्धा से परिपूर्ण था, जहां एक ओर भक्ति का वातावरण था, वहीं दूसरी ओर जीवों के प्रति संवेदनशीलता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मंडल के सक्रिय सदस्य किशोर चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि वेंकटेश्वर मित्र मंडल केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि निरंतर समाजसेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी मंडल द्वारा सर्दी के मौसम में 351 जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबलों का वितरण किया गया था, जिससे कई लोगों को ठंड से राहत मिली। इसके अतिरिक्त 751 किलो सब्जियां एकत्रित कर विभिन्न गौशालाओं और अन्य स्थानों पर गायों को खिलाने का कार्य भी किया गया, जो संस्था की सेवा भावना को दर्शाता है।

मंडल के एक अन्य सदस्य आतिश गोड़ ने कहा कि संस्था का मूल उद्देश्य निस्वार्थ सेवा करना है। उन्होंने भावुकता के साथ बताया कि जहां इंसान अपनी भूख और तकलीफ को व्यक्त कर सकता है, वहीं बेजुबान जीव ऐसा नहीं कर पाते। विशेष रूप से वर्तमान समय में जब शहरीकरण और जंगलों के लगातार कम होते क्षेत्र के कारण वानरों और अन्य जीवों के सामने भोजन और आश्रय का संकट गहराता जा रहा है, ऐसे में इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयास उनके लिए जीवनदायी साबित होते हैं।

इस सेवा कार्य के दौरान सुखानंद धाम में भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम में अनिल तोतला, किशोर चंदेल, रुपेश शर्मा, पंडित शंकर शास्त्री, ममता गोड़, शारदा चंदेल, चंचल राठौर, प्रेम सिंह प्रजापत, ऋषभ शर्मा, टीकम सिंह, रोहित प्रजापति, श्याम, सुनील नागदा, नीलेश शर्मा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई और सेवा को ही सच्ची भक्ति का स्वरूप बताया।

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