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1 अप्रैल से बदलेगा ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम, अब हर ट्रांजैक्शन पर डबल सिक्योरिटी जरूरी

डेस्क न्यूज़ 27 March, 2026 अन्य

नई दिल्ली। देशभर में डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। Reserve Bank of India ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए नए सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।

नए नियमों के तहत अब हर ऑनलाइन पेमेंट पर 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य होगा। यानी अब सिर्फ OTP डालकर पेमेंट पूरा नहीं किया जा सकेगा, बल्कि PIN, पासवर्ड या बायोमेट्रिक जैसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन भी करना होगा।

अब UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और वॉलेट से होने वाले सभी डिजिटल पेमेंट पर कम से कम दो स्तर की सुरक्षा लागू होगी। इनमें से एक वेरिफिकेशन डायनामिक होगा, जैसे OTP या बायोमेट्रिक। उदाहरण के तौर पर UPI PIN के साथ OTP या फिंगरप्रिंट का उपयोग करना पड़ सकता है।

छोटे ट्रांजैक्शन में प्रक्रिया थोड़ी आसान रहेगी, लेकिन बड़ी रकम या संदिग्ध लेनदेन पर अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जाएगी, जिसे रिस्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन कहा जाता है।

ये नियम देश के अंदर होने वाले सभी डिजिटल पेमेंट्स पर लागू होंगे, जबकि विदेशी वेबसाइट्स और ऐप्स पर किए जाने वाले पेमेंट के लिए यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।

आरबीआई के अनुसार डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फ्रॉड और हैकिंग के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर SMS OTP अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा, क्योंकि साइबर अपराधी इसे आसानी से चुरा सकते हैं। ऐसे में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू करना जरूरी हो गया था।

नए नियमों के लागू होने से फिशिंग, अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अगर किसी फ्रॉड के मामले में बैंक या पेमेंट कंपनी ने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया, तो ग्राहक को कोई नुकसान नहीं होगा। ऐसे में पूरा पैसा बैंक या संबंधित कंपनी को वापस करना पड़ेगा और जिम्मेदारी ग्राहक की नहीं होगी।

हालांकि अब हर पेमेंट में एक अतिरिक्त स्टेप जुड़ सकता है, जैसे PIN, OTP या बायोमेट्रिक का उपयोग, लेकिन यह पूरी तरह से आपकी सुरक्षा के लिए होगा।

यूजर्स को सलाह दी गई है कि 1 अप्रैल 2026 से पहले अपने बैंक और UPI ऐप को अपडेट रखें, बायोमेट्रिक फीचर ऑन करें और कभी भी अपना PIN, OTP या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज से सावधान रहें।

कुल मिलाकर Reserve Bank of India का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि यूजर्स बिना किसी डर के ऑनलाइन लेनदेन कर सकें।

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