डेस्क न्यूज
09 March, 2026
अन्य
ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मुकेश मल्होत्रा का विजयपुर विधानसभा सीट से चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। अदालत ने पाया कि चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी, जो निर्वाचन नियमों का उल्लंघन है।
यह याचिका पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामनिवास रावत द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने उपचुनाव के दौरान दाखिल किए गए नामांकन पत्र में अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य आया कि मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज थे, जबकि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में केवल 2 मामलों का ही उल्लेख किया था। अदालत ने इसे तथ्यों को छिपाने और मतदाताओं को गुमराह करने का गंभीर मामला माना।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने कहा कि चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार को अपने खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों की जानकारी स्पष्ट रूप से देना अनिवार्य है, ताकि मतदाता सही जानकारी के आधार पर अपना निर्णय ले सकें। तथ्यों को छिपाना निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता के विपरीत है।
इसी आधार पर अदालत ने मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त (शून्य) घोषित कर दिया। साथ ही चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक घोषित करने का आदेश दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आ गया है। यह निर्णय चुनावी हलफनामों में सही और पूर्ण जानकारी देने की अनिवार्यता को भी रेखांकित करता है।