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जाजू कन्या महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं छात्र कल्याण पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं में बढ़ा सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन का महत्व

द वॉचमेन पोस्ट 07 March, 2026 अन्य

नीमच। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा राष्ट्रीय कार्यबल (NTF) मानसिक स्वास्थ्य एवं छात्र कल्याण के लिए जारी गतिविधि कैलेंडर के तहत श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में फरवरी 2026 के दौरान विभिन्न जागरूकता और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सकारात्मक एवं संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा।

निर्धारित कैलेंडर के अनुसार फरवरी के दूसरे सप्ताह में महाविद्यालय की छात्राओं, स्टाफ और अभिभावकों के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए योग एवं ध्यान के महत्व को बताया। साथ ही “मैं अकेला नहीं हूँ” विषय पर तनाव प्रबंधन कार्यशाला और समूह चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को मानसिक दबाव से निपटने के उपाय, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने की तकनीक और सकारात्मक सोच विकसित करने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया गया।

फरवरी के तीसरे सप्ताह में “बात करें, बोझ हल्का करें” अभियान के अंतर्गत एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर शासकीय अतिथि विद्वान (मनोविज्ञान) श्री वैभव सक्सेना ने छात्राओं को खुलकर संवाद करने, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं ने भी इस सत्र में अपने विचार और अनुभव साझा किए।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कालानी ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों जितना ही महत्वपूर्ण है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में पढ़ाई और भविष्य की चिंताओं के दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।

फरवरी के चौथे सप्ताह में “आत्महत्या रोकथाम” विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। एमएसडब्ल्यू विभाग की अतिथि व्याख्याता श्रीमती संगीता शर्मा ने छात्राओं को जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने का महत्व बताया। उन्होंने यह भी बताया कि आवश्यकता पड़ने पर छात्राएं परामर्शदाताओं, शिक्षकों और परिवार से सहयोग लेकर समस्याओं का समाधान कर सकती हैं।

आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. गिरिराज शर्मा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम संस्थान की गुणवत्ता संवर्धन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने छात्राओं से सक्रिय सहभागिता करने और सकारात्मक एवं स्वस्थ परिसर वातावरण बनाने का आह्वान किया। एनटीएफ प्रभारी डॉ. हिना हरित ने जानकारी दी कि उच्च शिक्षा विभाग, भोपाल द्वारा फरवरी, मार्च और अप्रैल के लिए त्रैमासिक गतिविधि कैलेंडर जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह विभिन्न विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

महाविद्यालय परिवार ने छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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