द वॉचमेन पोस्ट
07 March, 2026
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नीमच। होली पर्व के अवसर पर ग्वालटोली स्थित लाल घाटी मैदान पर पारंपरिक विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह दंगल हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री चंद्रवंशी ग्वाला समाज के तत्वावधान में आयोजित किया गया। नीमच एवं आसपास के कई अखाड़ों के पहलवानों ने इसमें भाग लेकर अपनी ताकत, दमखम और शानदार दांव-पेच का प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन के दौरान मैदान में कुश्ती प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी, और हर मुकाबले पर दर्शकों ने तालियों और उत्साह से पहलवानों का हौसला बढ़ाया।
समाज के धन्नालाल पटेल ने बताया कि यह दंगल समाज की पुरानी परंपरा का हिस्सा है और इसका उद्देश्य युवाओं में पारंपरिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और पहलवानी की परंपरा को आगे बढ़ाना है। इस वर्ष विभिन्न भार वर्गों में रोमांचक मुकाबले हुए, जिसमें पहलवानों ने अपनी ताकत और तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का सबसे रोमांचक मुकाबला ‘केसरी’ खिताब के लिए हुआ। इस मुकाबले में पीयूष ग्वाला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को मात दी और केसरी का खिताब अपने नाम किया, जबकि भरत पटेल उपविजेता रहे। दोनों पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला दर्शकों को अंत तक रोमांचित करता रहा।
अन्य भार वर्गों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। 0 से 25 किलोग्राम वर्ग में आकाश चौहान विजेता बने, जबकि गंगादीन अखाड़ा के अंशुल उपविजेता रहे। 25 से 30 किलोग्राम वर्ग में युवराज ने जीत दर्ज की। 30 से 35 किलोग्राम वर्ग में प्रतापगढ़ के गजेंद्र विजेता रहे, जबकि वंश ग्वाला और मोहित यादव उपविजेता बने। 35 से 40 किलोग्राम वर्ग में गंगादीन अखाड़ा के सुभाष ने शानदार जीत हासिल की और नरसिंह घाट अखाड़ा के दीपेश ग्वाला उपविजेता रहे। 40 से 45 किलोग्राम वर्ग में गज्जू ग्वाला विजेता और प्रतापगढ़ के लोकेश मीणा उपविजेता बने। 45 से 50 किलोग्राम वर्ग में सत्येंद्र ने अरुण को पराजित कर पहला स्थान प्राप्त किया। 50 से 55 किलोग्राम वर्ग में धीरज ग्वाला विजेता और अमन ग्वाला उपविजेता रहे। वहीं 55 से 60 किलोग्राम वर्ग में यशवंत पवार ने गंगादीन अखाड़ा के उमेश को हराकर जीत दर्ज की।
दंगल के अंत में विजेता और उपविजेता पहलवानों को समाज के वरिष्ठजनों द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन और बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन का आनंद लिया और पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।