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गांधी सागर बैकवॉटर में फिर सक्रिय रेत माफिया: कार्रवाई के बाद और बेख़ौफ़, रात-दिन चल रहा अवैध खनन

द वाॅचमेन पोस्ट 25 February, 2026 अन्य

नीमच। गांधी सागर बैकवॉटर क्षेत्र में पूर्व में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी अवैध रेत खनन पर लगाम नहीं लग पाई है। कुकड़ेश्वर और रामपुरा थाना क्षेत्र के राजपुरा, नलवा ढाणी, कुंडला और खानखेड़ी गांवों के आसपास इन दिनों रेत माफिया खुलेआम सक्रिय बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि देर रात और तड़के सुबह नदी से मशीनों (फाइटर) के जरिए रेत निकाली जाती है और ट्रैक्टरों से आसपास के गांवों, कुकड़ेश्वर, मनासा सहित मांग वाले क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार माफिया इतने बेख़ौफ़ हो चुके हैं कि खुलेआम यह दावा करते हैं कि “ऊपर तक सेटिंग” होने से उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। लोगों में चर्चा है कि पूर्व में हुई कार्रवाई केवल औपचारिक थी, जिससे माफियाओं का मनोबल और बढ़ गया है।

रातभर दौड़ते ट्रैक्टर, तेज आवाज से ग्रामीण परेशान

बैकवॉटर के आसपास बसे गांवों के लोगों का कहना है कि रात-दिन तेज रफ्तार से दौड़ते रेत से भरे ट्रैक्टरों से सड़क सुरक्षा खतरे में है। ट्रैक्टरों में तेज आवाज में डीजे पर अश्लील गाने बजाए जाते हैं, जिससे खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ये वाहन अन्य राहगीरों को साइड तक नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

बाहरी ड्राइवरों से चल रहा अवैध रेत कारोबार

गांधी सागर बैकवॉटर में बड़े फाइटर के पीछे पंप-पाइप लगी छोटी नाव से नदी से रेत खींचकर एक फाइटर में करीब 8–10 ट्रॉली तक भरी जाती है। भारी वजन से नाव डूबने की स्थिति में पहुंचती है, फिर भी चालक जोखिम लेकर किनारे लाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार फाइटर चलाने वाले अधिकांश चालक उत्तरप्रदेश-बिहार के बाहरी व्यक्ति  हैं, जिनके कोई स्थानीय दस्तावेज नहीं हैं। लोगों को आशंका है कि संदिग्ध व आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से अवैध खनन कराया जा रहा है ।

माफियाओं का आखिर किसका संरक्षण
ग्रामीणों में चर्चा है कि माफिया खुद कहते फिरते हैं कि “धारा 151 हमारे लिए कुछ मायने नहीं रखती, हम बड़ी रकम देकर काम करते हैं।” लोगों का सवाल है कि यदि यह सब सच है तो क्या प्रशासन माफियाओं से डरा हुआ है या उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?

 नदी का सीना छलनी, कार्रवाई कब ?

लगातार अवैध खनन से नदी तंत्र और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी नदी में करीब 15 मशीनें (फाइटर) चल रही हैं, फिर भी खनिज विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।

क्षेत्रवासियों की मांग है कि गांधी सागर बैकवॉटर में चल रहे अवैध रेत खनन पर तत्काल सख्त कार्रवाई कर माफियाओं पर नकेल कसी जाए, ताकि पर्यावरण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

जांच कर जल्द करेंगे कार्रवाई — मनासा एसडीएम किरण आँजना

इस पूरे मामले में मनासा एसडीएम किरण आँजना ने बताया कि शिकायत प्रशासन के संज्ञान में आ चुकी है। मामले की जांच कराई जा रही है और यदि अवैध खनन या अन्य अनियमितता पाई जाती है तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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