डेस्क न्यूज
20 February, 2026
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नीमच। क्षत्रिय मराठा समाज नीमच के तत्वावधान में शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज का 396वां अवतरण दिवस अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन चौरड़िया अस्पताल के पीछे स्थित मराठा समाज के तुलजा भवानी मंदिर परिसर, शिवाजी सभागृह में किया गया, जिसमें समाजजनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
सुबह पिपली चौक से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 8:30 बजे नीमच सिटी स्थित पिपली चौक पर स्वल्पाहार मिलन से हुई। सर्वप्रथम शिवाजी महाराज की विराट प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के पश्चात सुबह 9 बजे भव्य वाहन रैली का शंखनाद हुआ।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली भव्य रैली
वाहन रैली पिपली चौक से प्रारंभ होकर नया बाजार, गणेश मंदिर, नरसिंह मंदिर, प्रताप चौक, सांवरिया जी मंदिर, रोडवेज बस स्टैंड, बारादरी चौराहा, बड़े बालाजी मंदिर, फव्वारा चौक, कमल चौक, लायंस प्लैटिनम चौराहा, सीआरपीएफ मार्ग, गोल चौराहा, अजमीढ़ जी महाराज सर्किल, शिक्षक कॉलोनी मार्ग एवं भारतीय जीवन बीमा मार्ग से होती हुई तुलजा भवानी मंदिर पहुंची।
रैली में सबसे आगे दो पहिया वाहनों पर समाज के युवक मराठा ध्वज लिए चल रहे थे। डीजे पर शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित भजनों की स्वर लहरियां गूंज रही थीं। खुली जीप रूपी रथ में शिवाजी के चित्र को फूलों से सजाया गया था। रैली में ऋतिक पंकज शिंदे मराठा, रिशु शेखर शिंदे मराठा सहित कई नन्हे-मुन्ने बच्चों ने शिवाजी का रूप धारण कर विशेष आकर्षण प्रस्तुत किया।
मुख्य समारोह में विचार और प्रेरणा
प्रातः 11:30 बजे आयोजित मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि बलवंत राव जाधव ने कहा कि शिवाजी महाराज की शासन व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने समाज के हर वर्ग को स्वराज्य निर्माण में सहभागी बनाया। उनके लिए व्यक्ति की पहचान जाति नहीं, बल्कि पराक्रम, निष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण था। उन्होंने धर्म और संस्कृति की रक्षा के साथ सामाजिक न्याय एवं महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
समाज अध्यक्ष शैलेन्द्र देवधर ने कहा कि मराठा समाज शिक्षा, संस्कार और सेवा में सदैव अग्रणी रहा है तथा शिवाजी महाराज का जीवन यह संदेश देता है कि स्वराज तलवार से नहीं, बल्कि समाज की एकता से स्थापित होता है।
आयोजन संयोजक रुपेश जाधव ने नवीन कार्यकारिणी द्वारा मंदिर में घंटी, मुकुट हेतु अलमारी, सभा कक्ष निर्माण, साउंड सिस्टम एवं फर्नीचर जैसे विकास कार्यों की जानकारी दी।
कोषाध्यक्ष जयप्रकाश दलवी ने सुशासन और समाज विकास पर अपने विचार रखे।
स्नेहलता जाधव ने “शिवनेरी की माटी में जन्मा शेर था…” काव्य पाठ प्रस्तुत किया, वहीं अशोक राव तावरे (जीरन) ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम में समाज के 18 प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 8 समाजजनों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता रमेश मौरे द्वारा पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधे भेंट किए गए।
स्नेह मिलन व सांस्कृतिक कार्यक्रम
दोपहर 12:15 बजे स्नेह मिलन समारोह आयोजित हुआ। समाज के पुरुष श्वेत परिधानों में तथा महिलाएं पितांबरी, हरे व लाल पारंपरिक वस्त्रों में उपस्थित रहीं। माता तुलजा भवानी के आशीर्वाद स्वरूप तलवार पूजन के बाद विभिन्न सांस्कृतिक एवं हैरतअंगेज प्रस्तुतियां दी गईं। उपस्थित अतिथियों एवं वरिष्ठ समाजजनों ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन पलास माने एवं एडवोकेट रुपेश जाधव ने संयुक्त रूप से किया, जबकि आभार उपाध्यक्ष विनोद नवले ने व्यक्त किया।
पूरा आयोजन शौर्य, संगठन और सांस्कृतिक गौरव की प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरा।