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भादवामाता लोक अधूरा क्यों? 10 करोड़ खर्च, फिर भी ठप निर्माण — कांग्रेस का सरकार पर तीखा प्रहार, आस्था के नाम पर आश्वासन नहीं, जवाब दो!

डेस्क न्यूज़ 18 February, 2026 राजनीति

नीमच। नीमच जिले के प्रसिद्ध आरोग्य तीर्थ भादवामाता मंदिर (भादवामाता लोक) का निर्माण कार्य अधूरा पड़े रहने पर सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश बजट से ठीक पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने विधायक से सीधा जवाब मांगते हुए सवाल उठाया है कि आखिर 10 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी निर्माण कार्य क्यों ठप है? और क्या इस बार बजट में नई राशि का प्रावधान होगा या फिर आश्वासन ही दोहराए जाएंगे?

10 करोड़ खर्च… फिर भी अधूरा लोक

बाहेती ने कहा कि मालवा की वैष्णोदेवी के रूप में प्रसिद्ध भादवामाता लोक जन-जन की आस्था का केंद्र है। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 10 करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। यह राशि स्वीकृत होकर खर्च भी हो चुकी है। प्रारंभिक चरण में प्रवेश द्वार और परिसर विकास जैसे कार्य शुरू हुए, लेकिन अब निर्माण की रफ्तार थम गई है।
उन्होंने शासन से स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की कि 10 करोड़ रुपये में कौन-कौन से कार्य पूरे हुए और शेष कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है।

नई सरकार, नई उम्मीद… पर कब?

प्रदेश में वर्तमान में मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार है। बाहेती ने विधायक दिलीपसिंह परिहार और सांसद सुधीर गुप्ता से मांग की कि वे लंबित 10 करोड़ रुपये की नई राशि स्वीकृत कराने के लिए ठोस पहल करें। पिछले अनुपूरक बजट में आश्वासन के बावजूद राशि स्वीकृत नहीं हो सकी। अब मुख्य बजट में स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि भादवामाता लोक कब तक पूरा होगा और इसकी समयसीमा क्या है।

जनसहयोग के करोड़ों रुपये… फिर भी बदहाली क्यों?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि मंदिर निर्माण और गेट सहित अन्य कार्यों में शहर के समाजसेवियों ने करोड़ों रुपये का योगदान दिया। इसके बावजूद निर्माण रुक जाना गंभीर विषय है। प्रशासन को जनसहयोग की कुल राशि और कार्ययोजना सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने परिसर की अव्यवस्थाओं पर भी चिंता जताई—पेयजल व्यवस्था बाधित, स्नानघर में स्वच्छता की कमी और रात में शौचालय बंद रहने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाहेती ने परिसर में तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की मांग की, ताकि विशेषकर लकवा पीड़ित मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके।

आखिर जनता कब तक धैर्य रखे?” — तरुण बाहेती

बाहेती ने कहा कि पहले भादवामाता में व्यवस्थाएं बेहतर थीं, लेकिन 10 करोड़ सरकारी राशि और समाजसेवियों के सहयोग के बाद भी हालात बिगड़ना समझ से परे है। उन्होंने विधायक परिहार से कहा कि क्षेत्र की आरोग्य देवी की यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
“भादवामाता बड़ा तीर्थ बने, उच्चस्तरीय व्यवस्था हो — यह पूरे अंचल की अपेक्षा है। अब यह सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता की असली परीक्षा है।

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