डेस्क न्यूज
13 February, 2026
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नीमच। सन् 2021 में स्वीकृत हुए बघाना रेलवे ओवर ब्रिज और हिंगोरिया रेलवे ओवर ब्रिज अब तक रेल मंत्रालय की अंतिम स्वीकृति को तरस रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा— “जिम्मेदार प्रतिनिधि मस्त, जनता हो रही त्रस्त… आखिर इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार कौन है?”
डॉ. जाजू ने आरोप लगाया कि नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक दिलीप परिहार की निष्क्रियता और समन्वय की कमी के कारण इन परियोजनाओं में अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने बताया कि दोनों ओवर ब्रिज वर्ष 2021 में स्वीकृत हुए थे, जबकि धरातल पर कार्य वर्ष 2025 में प्रारंभ हुआ। मध्यप्रदेश सरकार के संबंधित निर्माण विभाग द्वारा ड्राइंग-डिजाइन वर्ष 2025 के अंत में सार्वजनिक किया गया, लेकिन विभागीय समन्वय के अभाव में रेल मंत्रालय से अब तक अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी रेलवे के रतलाम रेल मंडल सलाहकार समिति में नीमच के तीन सदस्य हैं, किंतु हाल ही में हुई बैठक में सांसद और विधायक की अनुपस्थिति गंभीर चिंता का विषय है। डॉ. जाजू के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में कई बैठकों और रेल मंत्री से मुलाकातों के बावजूद इन ओवर ब्रिजों का मुद्दा प्रभावी ढंग से नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता भुगत रही है।
डॉ. जाजू ने प्रश्न उठाया कि क्या जनप्रतिनिधियों का यह दायित्व नहीं बनता कि वे स्वीकृत योजनाओं की सतत निगरानी रखें और आने वाली बाधाओं का युद्ध स्तर पर निराकरण कराएं? उन्होंने कहा कि जब तक रेलवे ड्राइंग-डिजाइन को अंतिम स्वीकृति नहीं देगा, तब तक निर्माण कार्य को गति नहीं मिल पाएगी। वर्तमान में रेल मंत्रालय की स्वीकृति के अभाव में कार्य रुका हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करना ही उस लक्ष्य की दिशा में वास्तविक कदम होगा। डॉ. जाजू ने यह भी कहा कि रतलाम-अजमेर खंड के प्रमुख स्टेशन के रूप में पहचान रखने वाले नीमच रेलवे स्टेशन की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। स्टेशन पुनर्निर्माण, दोहरीकरण और रेल जंक्शन जैसी वर्षों से स्वीकृत योजनाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।
अंत में डॉ. जाजू ने सांसद और विधायक से आग्रह किया कि वे अब सक्रिय पहल करें, रेल मंत्रालय से शीघ्र स्वीकृति एवं आवश्यक धनराशि सुनिश्चित कराएँ, ताकि बघाना और हिंगोरिया रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य गति पकड़ सके और क्षेत्र की जनता को लंबे इंतजार से राहत मिल सके।