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मासूमों के लिए जान देने वाली कंचनबाई को मिले सच्ची श्रद्धांजलि, सरकार दे आर्थिक संबल और सम्मानजनक नौकरी – पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह

डेस्क न्यूज़ 06 February, 2026 राजनीति

भोपाल। नीमच जिले के ग्राम राणापुर की 40 वर्षीय आंगनवाड़ी कर्मी कंचनबाई मेघवाल द्वारा 20 से अधिक मासूम बच्चों की जान बचाते हुए अपने प्राणों की आहुति देना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृत्व की अमर गाथा है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे मानवता के इतिहास में दर्ज होने वाला बलिदान बताया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खियों के भीषण हमले के दौरान कंचनबाई मेघवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना आंगनवाड़ी में खेल रहे बच्चों को बचाने का बीड़ा उठाया।

दरी, तिरपाल और अंततःअपनी साड़ी से बच्चों को ढकते हुए उन्होंने एक-एक कर सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और बीस से अधिक परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। दुर्भाग्यवश जहरीले डंक से गंभीर रूप से घायल कंचनबाई ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि कंचनबाई मेघवाल जय माता दी स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष थीं और आंगनवाड़ी में नियमित रूप से भोजन बनाकर बच्चों को खिलाने का कार्य करती थीं। वे अपने परिवार की एकमात्र कमाऊ सदस्य थीं। उनके पति शिवलाल मेघवाल वर्ष 2022 से पैरालिसिस से पीड़ित हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाला अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित है।

मुख्यमंत्री से ठोस और संवेदनशील निर्णय की मांग

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील मानवीय मामला मानते हुए शासन स्तर पर तत्काल सहायता दी जाए। उन्होंने मांग की कि—
मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से ₹10 लाख की सहायता।
संबल योजना अंतर्गत ₹4 लाख। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से ₹2 लाख। राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना से ₹20 हजार। कंचनबाई के पुत्र रवि मेघवाल को प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास। परिवार के भरण-पोषण हेतु रवि मेघवाल को उनकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार शासकीय नौकरी प्रदान की जाए।

दिग्विजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि आंगनवाड़ी के मासूम बच्चों के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाली कंचनबाई मेघवाल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब राज्य शासन उनके परिवार को संपूर्ण आर्थिक सहायता और सम्मानजनक रोजगार दे। ऐसे फैसले समाज में निस्वार्थ सेवा, त्याग और मानवीय मूल्यों को मजबूती देंगे।

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