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इतिहास बोलेगा, शब्द गरजेंगे! सीतामऊ में सजेगा ‘धरोहर’ साहित्य महोत्सव—संस्कृति, चिंतन और चंबल की गूंज एक मंच पर

डेस्क न्यूज़ 28 January, 2026 राजनीति

मंदसौर/सीतामऊ। जहां इतिहास की दीवारें आज भी समय से संवाद करती हैं, वहीं अब शब्दों और विचारों का महाकुंभ सजने जा रहा है। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (DATCC), मंदसौर के तत्वावधान में ‘धरोहर : सीतामऊ साहित्य महोत्सव’ का भव्य आयोजन 29 से 31 जनवरी 2026 तक सीतामऊ पैलेस गार्डन में होने जा रहा है। यह ऐतिहासिक आयोजन कलेक्टर अदिति गर्ग के मार्गदर्शन में और एसडीएम शिवानी गर्ग के निर्देशन में होने जा रहा है। 

यह महोत्सव केवल साहित्य का नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति, प्रकृति, कला और विचार—इन सभी का संगम होगा, जहां देश की नामचीन हस्तियां अपनी आवाज़ और अनुभव से मंच को जीवंत करेंगी।

तीन दिन, तीन रंग—इतिहास से भविष्य तक का सफ़र

यह भव्य आयोजन सीतामऊ के पैलेस गार्डन में दिनांक  29, 30 और 31 जनवरी 2026 को ऐतिहासिक रूप से आयोजित होगा।

पहला दिन | 29 जनवरी :

 इतिहास, रंगमंच और सुर
इतिहास के पन्नों से – श्री राजेश कुमार, निदेशक, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR), नई दिल्ली
खेल और जीवन – श्री मीर रंजन नेगी, भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कोच
कथा और रंगमंच – रघुबीर यादव (प्रसिद्ध अभिनेता, कवि व संगीतकार)
शब्दों का जादू – विवेक चतुर्वेदी, कवि एवं लेखक
स्वरांजलि – जसू मंगनियार ग्रुप (लोक संगीत प्रस्तुति)

दूसरा दिन | 30 जनवरी :

 विचार, विमर्श और चंबल
इतिहास का भूगोल – संजय सान्याल, सदस्य, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद
चंबल का उत्सव – चंबल नदी सफारी, मगरमच्छ व ऊदबिलाव दर्शन
शब्दों का आलोक – आलोक श्रीवास्तव, कवि व गीतकार
भारतीय संस्कृति और इतिहास – प्रो. रविंद्र कुमार शर्मा
स्वरागिनी @ वेव्स – कबीर स्टूडियो
स्टारगेज़िंग – विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में खगोल अवलोकन

तीसरा दिन | 31 जनवरी :

 कथाएं, किताबें और सरोकार
किस्से-कहानियां – पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी
किताबों की बातें – जेरी पिंटो, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता
पर्यावरण संरक्षण – रज़ा काज़मी, पर्यावरणविद्
सुवासरा से फिल्मफेयर तक का सफ़र – प्रशांत पांडे, फिल्मफेयर अवॉर्डी
दादी-नानी के किस्से – मुझ्तबा
साहित्य से आगे—प्रकृति और अनुभव का उत्सव
महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों को मिलेगा—
चंबल नदी सफारी
मगरमच्छ और ऊदबिलाव दर्शन
पक्षी अवलोकन
स्टारगेज़िंग
अफीम व क्विनोआ फील्ड विज़िट
बच्चों के लिए विशेष गतिविधि: ‘मटरू – द क्रोको’
देश की जानी-मानी हस्तियां एक मंच पर

महोत्सव में शिरकत करेंगे—

रघुबीर यादव
पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा
पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी
संजय सान्याल
आलोक श्रीवास्तव
मीर रंजन नेगी
राजेश कुमार (ICHR)
डॉ. गीतांजलि त्यागी
रोसिना पास्तोरे पुओक्को (घेंट यूनिवर्सिटी, बेल्जियम)
सीतामऊ बनेगा विचारों की राजधानी
‘धरोहर’ साहित्य महोत्सव न सिर्फ शब्दों का उत्सव है, बल्कि यह मालवा और चंबल अंचल की सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का प्रयास है।

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